जाकिर नाइक की संस्‍था पर लगा 5 साल का बैन

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केंद्र सरकार ने अगस्‍त में जाकिर नाईक के एनजीओ इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) को मिलने वाली फंडिंग की जांच के आदेश दे दिए थे। सरकार ने यह आदेश उस बात के सामने आने के बाद दिया था जिसमें पता लगा था कि बांग्लादेश के ढाका में हमला करने वाले लड़के जाकिर नाईक से प्रेरित थे।

केंद्र सरकार ने विवादित मुस्लिम उपदेशक जाकिर नाइक के गैर-सरकारी संगठन पर 5 साल का बैन लगा दिया है। नाइक की संस्‍था इस्‍लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्‍त होने का आरोप है। कैबिनेट ने एनजीओ को गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत ‘गैरकानूनी’ घोषित करते हुए पांच साल का प्रतिबंध लगाया है। इससे पहले, एनजीओ को सीधे विदेशी फंड्स मिल रहे थे और गृह मंत्रालय ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से कहा था कि वह एनजीओ को कोई धन देने से पहले इजाजत ले।

जाकिर नाईक के संगठन पर आरोप है कि उसे विदेश से पैसा मिलता है जिसका इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और युवाओं को आतंक की तरफ खींचने के लिए किया जाता है।

गृह मंत्रालय की प्रारंभिक जांच में पाया गया था कि एनजीओ विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों के खिलाफ गतिविधियां कर रही है।