मुख्यमंत्री योगी जन शिकायतों का निस्तारण न होने से खफा

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जन शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खफा हैं। जिलों में शिकायतों का अंबार लगा है और अफसर समस्याओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। इसीलिए अब योगी छह जुलाई को खुद जन सुनवाई प्रणाली (आइजीआरएस) की कसौटी पर जिलों के डीएम और एसपी को परखेंगे। योगी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए दर्ज शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही जन शिकायतों के निस्तारण में फिसड्डी साबित हुए दस जिलों के एसएसपी और दस जिलों के डीएम को नोटिस दिया था। इसके बाद उन्होंने जन शिकायतों के निस्तारण प्रक्रिया की मानीटरिंग के लिए अपने कार्यालय में एक आइएएस अफसर की तैनाती कराई। बावजूद इसके, उनकी अपेक्षा के अनुरूप जिलों में शिकायतों का निस्तारण नहीं हो रहा है।

भाजपा मुख्यालय से लेकर पांच कालिदास मार्ग स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर फरियादियों का आना कम नहीं हुआ है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि मिली शिकायतों को आइजीआरएस प्रणाली की वेबसाइट पर अपडेट किया जा रहा है। उच्च स्तर पर प्रतिदिन की जा रही समीक्षा में यह बात सामने आई कि जिले स्तर पर अनिस्तारित शिकायतों की संख्या अधिक है।

इसीलिए अब सीएम खुद समीक्षा करेंगे। शासन स्तर से सभी डीएम और एसएसपी-एसपी को आइजीआरएस से संबंधित समस्त सूचनाओं के साथ निर्धारित समय से 15 मिनट पहले अपने जिले के एनआइसी सेल के वीडियो कांफ्रेंसिंग कक्ष में संबंधित नोडल अधिकारी के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।

source-DJ