योगी सरकार की विधानसभा का पहला सत्र आज से

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आज से उत्तर प्रदेश में सत्रहवीं विधानसभा के गठन के बाद पहला सत्र आज से शुरू होने जा रहा है। विधानसभा की कार्यवाही का लोकसभा की तरह दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण होगा। 17वीं विधानसभा का प्रथम सत्र 15 मई से लेकर 22 मई तक चलेगा।

विधानमंडल के इस विशेष सत्र की शुरुआत दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन में राज्यपाल राम नाईक के अभिभाषण से होगी। संयुक्त अधिवेशन में अभिभाषण के लिए राज्यपाल पहुंचेगे तो उनका स्वागत राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार किया जाएगा। विधानमंडल सत्र के मद्देनजर रविवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने सदन को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा की।

विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सत्रहवीं विधानसभा के प्रथम सत्र की कार्यवाही को दूरदर्शन के जरिये सीधे प्रसारित करने का फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति से जनहित में लिया गया है। इससे सदन में कार्यदक्षता बढ़ेगी और जनता भी अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली को जान सकेगी। 15 से 22 मई तक प्रस्तावित विधानमंडल सत्र में सरकार उप्र राज्य वस्तु एवं सेवा कर विधेयक भी पेश करेगी।

विपक्ष ने विधानसभा के पहले सत्र में योगी सरकार पर जोरदार हमला करने की तैयारी कर ली है। ऐसे में सदन में कितनी मर्यादा का ख्याल रखा जाएगा और नेता चर्चा कितनी करेंगे यह देखना दिलचस्प होगा। विपक्ष की ओर से योगी सरकार पर पहला हमला कानून व्यवस्था को लेकर किया जाएगा। इसके अलावा ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान, समाजवादी पेंशन बंद करने और प्रदेश में विकास कार्य ठप रहने के मुद्दों पर भी सरकार को विपक्ष घेरने की कोशिश करेगा।

पूर्ववर्ती समाजवादी सरकार के कार्यकाल में लागू न हो सकी राष्ट्रपति भवन से प्राप्त एडवाइजरी को योगी सरकार ने स्वीकार किया है। इसके मुताबिक अभिभाषण के लिए सदन में राज्यपाल को सम्मानित तरीके से लाया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद सभापति व मुख्यमंत्री विधानभवन के गेट पर पहुंच कर राज्यपाल की अगवानी करेंगे। लिफ्ट से ऊपर पहुंचने के बाद राज्यपाल शोभायात्रा के साथ गैलरी से सभा मंडप तक पहुंचेंगे। इस बार अभिभाषण की शुरुआत से पहले भी राष्ट्रीय गान होगा। अभिभाषण के बाद ही विधानसभा के पटल पर जीएसटी विधेयक प्रस्तुत होगा।

सदन संचालन के लिए कल बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलों के नेताओं से सहयोग की अपेक्षा की और सदन अधिकतम अवधि तक चलाए जाने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य शांतिपूर्वक राज्यपाल का अभिभाषण सुनें ताकि पता चले कि सरकार लोक कल्याण के कौन से काम कर रही है।

विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित का कहना था कि तार्किक व गुणात्मक बहस से ही जनता को लाभ पहुंचाया जा सकता है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि पक्ष व विपक्ष के सहयोग से ही सदन को सुचारू रूप से चलाया जा सकता है।

बैठक में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी की गैरहाजिरी चर्चा का मुद्दा थी। चौधरी का कहना है अपरिहार्य कारणों से वह बैठक में नहीं पहुंच सके। इसे किसी तरह के विरोध से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बैठक में बसपा के लालजी वर्मा, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के ओमप्रकाश राजभर, व कांग्रेस के अजय कुमार ‘लल्लू’ व अपना दल के नील रतन सिंह पटेल ‘नीलू’ ने अपने दलों की ओर से सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

वैसे तो योगी सरकार का विधानसभा में बहुमत है लेकिन विधानपरिषद में समाजवादी पार्टी बहुमत में है। विपक्ष जोरदार हमले में कोई कोर कसर नहीं छोडऩा चाहता। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार इसी सत्र में जीएसटी विधोयक भी पारित कराया जाना है। सरकार की कोशिश है इसे जल्द से जल्द पारित करा लिया जाए।