योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में किसानों की कर्जमाफी पर लिया अहम फैसला

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पहली कैबिनेट मीटिंग में योगी सरकार ने किसानों के एक लाख तक के कर्ज माफ किये हैं। बैठक खत्म हो चुकी है।कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिये गये हैं। बैठक के बाद अब प्रेस कांफ्रेंस में फैसलों के बारे में जानकारी दी जायेगी। विधानसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेश के किसानों से किये गए वादे को योगी आदित्यनाथ सरकार की आज होने जा रही कैबिनेट की पहली बैठक में निभाने जा रही है।भाजपा ने अपने लोक कल्याण संकल्प पत्र में सूबे के लघु व सीमांत किसानों के फसली ऋण माफ करने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को लखीमपुर खीरी के राजकीय इंटर कालेज मैदान में आयोजित चुनावी रैली में एलान किया था कि भाजपा सरकार बनने पर पहली कैबिनेट में किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। लिहाजा योगी सरकार कैबिनेट की पहली बैठक में कर्ज के बोझ से कराहते अन्नदाताओं के फसली ऋण को माफ करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए उन्हें राहत देने का इंतजाम करेगी।

सूत्रों के अनुसार सरकार ने फिलहाल 31 मार्च 2016 तक लघु व सीमांत किसानों द्वारा लिये गए फसली ऋण में से उनके द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 के दौरान भुगतान की गई राशि को घटाते हुए अधिकतम एक लाख रुपये की सीमा तक के कर्ज माफ करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके अलावा सरकार लघु व सीमांत किसानों के गैर निष्पादक ऋणों का भी भुगतान करेगी। इस प्रस्ताव पर मुहर लगने से सूबे के तकरीबन 86 लाख लघु व सीमांत किसान लाभान्वित होंगे।

यूपी विधानसभा चुनाव में प्रचार करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पहली ही बैठक में किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था।