योगी राज में अब श्रमिकों को स्कूल, छात्रवृत्ति, बीमा देने की तैयारी में, जानिए योजना के बारे में

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योगी सरकार ने श्रमिकों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किये है, जैसे ठेला गाड़ी चालक, फुटकर हलवाई, दुकानों, होटलों में काम करने वाले महिला व पुरुष, कृषि मजदूर, रिक्शा चालक और हाकरों तथा उनके बच्चों शामिल है|

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए मौजूदा शिक्षा सत्र 2017-18 से छात्रवृत्ति योजना प्रारंभ किए जाने का एलान किया। कक्षा एक से सौ रुपये मासिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक पांच हजार रुपये मासिक छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों की सुविधा के लिए श्रमिक हेल्पलाइन चलाने के निर्देश दिए हैं।

श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए पहले से चल रहे 12 आवासीय विद्यालयों के अलावा 20 जिलों में आवासीय योजना का विस्तारीकरण कराया जाएगा। अब गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, फैजाबाद, वाराणसी, सोनभद्र, इलाहाबाद, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बांदा, अलीगढ़, बिजनौर, बुलंदशहर, शाहजहांपुर, मथुरा, बरेली, सहारनपुर, झांसी एवं नोएडा में श्रमिकों के बच्चों के लिए योजना का विस्तारीकरण होगा।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को दीनदयाल सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा कराया जाएगा। चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सभी वरिष्ठ नेता इस वादे को बार-बार दोहरा रहे थे। योगी सरकार ने सुरक्षा बीमा उपलब्ध कराने को व्यापक कार्ययोजना बनाएगी। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में पांच लाख श्रमिकों का सुरक्षा बीमा राज्य सरकार कराएगी।

योगी ने महिला श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रदेश स्तरीय समिति का गठन किए जाने का प्रस्ताव मांगा है। मुख्यमत्री ने श्रमिकों को न्यूनतम वेतन वित्तीय हित लाभ तथा कार्य के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया है। यह भी हिदायत दी कि प्रदेश को बाल श्रम एवं बंधुआ श्रम मुक्त बनाने में कोई कोर कसर न छोड़ी जाए।

श्रम विभाग की परिसंपत्तियों को चिह्नित कर सर्वे कराने का मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है। कहा, अवैध तरीके से कब्जा करने वालों को चिह्नित कर उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए और कब्जा हटाया जाए।

मुख्यमंत्री ने ब्वायलर अधिनियम के तहत थर्ड पार्टी प्रमाणीकरण व्यवस्था सौ दिनों में लागू कराने के निर्देश दिए हैं। डिस्टलरी उद्योग के श्रमिकों के वेतन पुनरीक्षण हेतु समिति का गठन किए जाने को विभागीय प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बेरोजगार अभ्यर्थियों को रोजगार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसके लिए सरकार नया कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बेरोजगार अभ्यर्थियों एवं नियोजकों का आनलाइन पंजीकरण प्रारंभ कराने के निर्देश दिए हैं। अभ्यर्थियों को आनलाइन आवेदन की सुविधा एवं ई-मेल के जरिए वांछित सूचना उपलब्ध कराने के लिए सेवायोजन पोर्टल को प्रभावी बनाने को कहा है।

प्रांतीय चिकित्सा सेवा के चिकित्सकों की भांति कर्मचारी राज्य बीमा योजना (इएसआइ) के चिकित्साधिकारियों को एसीपी, राजकीय मेडिकल कालेजों में स्नातकोत्तर अध्ययन हेतु सीटों की व्यवस्था सहित सेवानिवृत्त चिकित्साधिकारियों को 65 वर्ष की आयु सीमा तक पुनर्योजित किए जाने का भी प्रस्ताव मांगा है।

मुख्यमंत्री योगी ने पंजीकृत श्रमिकों की दो पुत्रियों की स्वजातीय शादी में 55 हजार रुपये तथा अन्तर्जातीय शादी में 61 हजार रुपये की कन्या विवाह अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाने के बार भी कही है|