योगी राज: थाने में लूट की 42 वारदात में 39 दर्ज नहीं

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कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी और राज्यपाल राम नाईक की नाखुशी यूं ही नहीं। आला अफसर सुधार के भले जो दावे करें लेकिन, थाना पुलिस पर ऊपर के आदेश बेअसर हैं। हालत तो यह कि अपराधी एक के बाद एक वारदात करते जाते हैं लेकिन, इनमें से अधिकांश थाने में दर्ज नहीं होती। इसका सच स्वाट टीम के हाथ लुटेरा गिरोह हाथ लगने पर सामने आ गया। गिरोह ने 42 लूट को अंजाम देने का राजफाश किया। इनमें 39 वारदात उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र में कीं। चुस्त पुलिसिंग का नमूना यह कि 39 में एक भी वारदात गंगाघाट पुलिस ने दर्ज ही नहीं की।

स्वाट टीम को इस गिरोह का सुराग अजगैन में जनता के हाथों पकड़े गए लुटेरों से लगा। स्वाट टीम प्रभारी ऐनुद्दीन ने शनिवार रात आजाद मार्ग चौराहा के पास से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें सरगना शुभम कुशवाहा निवासी कटरी पीपरखेड़ा गंगाघाट ने बताया कि उसने साथी सज्जन और अन्य की मदद से गंगाघाट में 39 लूट की घटनाओं को अंजाम दिया। गैंग को पकडऩे वाली टीम ने जब गंगाघाट पुलिस से जानकारी ली तो कोई मुकदमा दर्ज न होने की बात सुन सन्न रह गए। एक भी लूट का मुकदमा दर्ज न होने से टीम गुडवर्क से मात खा गई।

पकड़े लुटेरों ने ही इलाहाबाद के धूमनगंज थाना क्षेत्र के कालिंदीपुरम मोहल्ला निवासी महिला भाजपा नेता शालू मल्होत्रा के बंद मकान को निशाना बनाकर 40 हजार की नकदी, जेवरात, स्कूटी, फ्रिज समेत लाखों रुपये का माल पार किया गया था। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेसवार्ता के दौरान गिरोह ने यह बात स्वीकारी है। सीओ के मुताबिक गैंग के दो सदस्य नीरज निषाद और नीरज दुबे चकमा देकर फरार हो गए। उनकी तलाश जारी है।

source-DJ