गरीब तलाकशुदा महिलाओं के बच्चों का पालन करेगी योगी सरकार

78
SHARE

महिला कल्याण व बाल विकास मंत्री डा.रीता बहुगुणा जोशी ने देते हुए कहा कि सरकार से संरक्षण मिलने के कारण पहली बार मुस्लिम महिलाएं अपनी पीड़ा खुलकर बताने लगी हैं। उन्हें ऐसी आजादी कभी कांग्रेस, सपा-बसपा व अन्य दलों के शासनकाल में नहीं मिल पायी। पीडि़तों का हक दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लडऩे के साथ जागरूकता अभियान चलता रहेगा।

महिला कल्याण मंत्री का दावा है कि पूर्ववर्ती सरकार केंद्रीय योजनाओं पर अमल नहीं कर सकी। महिला सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार की 181 सेवा भी अधिक प्रभावशाली है। यह सेवा पूरे देश में लागू है और पीडि़त महिला फोन करती है तो रेस्क्यू वैन तुरंत उस तक पहुंचकर समस्या का समाधान कराती है। अब तक 11 जिलों में रेस्क्यू वैन उपलब्ध है। जल्द ही सभी 75 जिलों में कार्यालय व वैन उपलब्ध कराएंगे।

महिला व बाल संरक्षण गृहों की दयनीय स्थिति को स्वीकारते हुए रीता जोशी का कहना है कि उनके हालात तेजी से सुधारे जा रहे हैं। सभी बाल व महिला केंद्रों में सीसी टीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। लखनऊ में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और यहीं से मानीटंिरंग की जाएगी। केंद्र्रों में बायोमैट्रिक पद्धति से उपस्थिति दर्ज करायी जाएगी।

डा. जोशी ने बताया कि सरकार विधवा पेंशन को 500 से बढ़ाकर एक हजार रुपये करने जा रही है। भ्रूण हत्या रोकने के लिए बालिका के जन्म पर भाग्यलक्ष्मी योजना में 50 हजार रुपये प्रदान किए जाएंगे। इस धन से मिलने वाले ब्याज का इस्तेमाल एफडी पूरी होने से पहले तीन बार में शिक्षा प्राप्त करने के लिए भी किया जा सकेगा।