सुरक्षित नहीं मुकदमों से जुड़े गवाह और उनके घर वाले! पढ़े पूरा मामला

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सुल्तानपुर. यूपी के सुल्तानपुर के जौनपुर बार्डर पर स्थित कोइरीपुर कस्बे में एक बेटी बदमाशों की गोलियों का निशाना इसलिए बनी के उसका पिता डेढ़ साल पहले 4 लोगों के सामूहिक हत्याकांड में गवाह था। वैसे ये गवाह को डराने और ठिकाने लगाने का ये कोई नया मामला नहीं है बल्कि बीते अक्टूबर माह में एक अधिवक्ता को भी भाई की हत्या में गवाह बनना भारी पड़ा था और नतीजे में अधिवक्ता को गोलियों से भून दिया गया था। इन मामलों को देख कर कहा जा सकता है कि पुलिस द्वारा प्रोटेक्शन न मिलने के कारण मुकदमों के गवाह और उनके घर वाले अब सुरक्षित नहीं हैं।
ये है पूरा मामला
यहाँ वाराणसी-लखनऊ राज्यमार्ग पर स्थित चांदा थाना क्षेत्र के कोइरीपुर बाजार में बदरूद्दीन की 20 वर्षीय शबीना को दोपहर में घर पर घुसकर उस समय गोलियों से दागा जबकि वो सो रही थी।
बताया जा रहा है कि अज्ञात बदमाश बाइक पर सवार थे और फायर कर असलहा लहराते हुए बाइक से निकल गए।
घटना में बदमाशों की गोलियों का निशाना बनी शबीना के पेट में गोली लगी।
आनन-फानन में घायल शबीना को उसके परिजन जिला अस्पताल ले कर पहुचे जहा डॉक्टरो ने उसे गंभीर हालात में ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।
2015 में भाई समेत 3 भतीजों की हुई थी हत्या
शबीना के पिता बदरूद्दीन की मानें तो 7 अक्टूबर 2015 में इलाके के रहने वाले लईक नाम के युवक का
भाई सर्फुद्दीन से विवाद हो गया था। जिसमे लईक ने धारदार हथियार से सर्फ़ूद्दीन और उसके तीन बेटों समेत चार लोगों की हत्या कर दिया था। भाई सर्फुद्दीन और भतीजों की हत्या के मामले में बदरुद्दीन मुख्य गवाह है।
इसी मामले को लेकर पुरानी रंजिश चल रही है इसके सिवा और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है।
ऐसे में शबीना के साथ घटित हुई
पूरी घटना को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है।
अधिवक्ता की हत्या के बाद सख्त हुआ था हाईकोर्ट
वैसे भाई और भतीजों की हत्या में मुख्य गवाह के रूप में खड़े बदरूद्दीन के साथ ये कोई नया हादसा नहीं हुआ है।
बल्कि बीते वर्ष 2016 के अक्टूबर माह में अधिवक्ता विजय कुमार सिंह को दीवानी न्यायालय जाते समय बदमाशों ने अपनी गोलियों का निशाना बनाया था।
अधिवक्ता श्री सिंह भी अपने भाई अजय सिंह के हत्या के केस में मुख्य गवाह थे।
अधिवक्ता की हत्या के बाद समूचे अधिवक्ता समाज में रोष व्याप्त हो गया था, जिसमें 50 दिन तक अधिवक्ता समाज कार्य से विरत था।
तब इस मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शासन के अधिकारियों के पेंच कसे थे और मुक़दमें के गवाह को प्रोटेक्शन देने की बात कही थी।
इसके बावजूद भी हीलाहवाली बरती जा रही है जिसका नतीजा सामने है।
*विधायक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला की भी हुई हत्या*
यही नहीं बल्कि सदर सीट के पूर्व विधायक अरुण वर्मा के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराने वाली महिला की हाल के फरवरी माह में हत्या कर दी गई थी।
उसका शव घर से कुछ दूरी पर पंचायत भवन के पास पाया गया था।
यहाँ भी हत्या के घाट पहुँची महिला रेप के मामले में न्याय के लिए अदालत के चक्कर काट रही थी।
*दिनदहाड़े हुई वारदात से इलाके में फैली दहशत*
आपको बता दें चांदा थाना अन्तर्गत आने वाला कोइरीपुर कस्बा अप्रिय घटनाओं व वारदातों से चर्चा में रहता है।
इसके बावजूद यहाँ पुलिसिंग का आलम ये है के दिन भरी बाज़ार वाले कस्बे के एक घर में घुसकर बदमाश युवती को अपनी गोलियों का निशाना बनाते हैं और निकल जाते हैं।
इसके बाद हवा में तीर चलाने वाली पुलिस लोगों की सूचना पर पहुँचकर कागजी कोरम पूरा करती है।
वही दिनदहाड़े हुई इस घटना से इलाके के दहशत का माहौल हो गया
इसके कारण बच्चे से लेकर बूढ़ा सभी सहमें हैं।
पुलिस ने नाकाबंदी कर शुरु किया जाँच
फिलहाल कोइरीपुर में दिनदहाड़े हुई
घटना के बाद कप्तान पवन कुमार ने थाना प्रभारी के पेंच कसे हैं।
इसके बाद से पुलिस ने जहाँ नाकाबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया है वही गांव में पुलिस बल लगाया गया है।
एसओ चांदा रामजी यादव ने बताया की पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
संदिग्धों पर पुलिस की पूरी निगाह है।
वही मुकदमे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पीडित पक्ष से तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा।