100 दिन भी नहीं टिक पाया योगी सरकार का एंटी रोमियो स्क्वाड

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महिलाओं के साथ हो रहे अपराध चुनाव में मुद्दा बना तो सरकार बनते ही अपने वादे के अनुरूप योगी सरकार ने प्रदेश भर में एंटी रोमियो स्क्वाड सक्रिय कर दिया। कुछ दिन पुलिस ने सक्रियता दिखाई भी पर बाद में फिर पुलिस का काम पुराने ढर्रे पर है। जिले में एंटी रोमियो स्क्वाड मजाक बन गया। स्कूल, कोचिंग में छुट्टी का बहाना कर स्क्वाड को सड़क से हटा लिया गया।

पुलिस अधिकारी शायद यह बताना चाह रहे हैं कि स्कूल और कोचिंग की छात्राएं ही असुरक्षित हैं, बाकी खुद मर्दानी हैं। पुलिस की इस सोच को चुनौती देते हुए शोहदे राह चलती लड़कियों को अपना निशाना बना रहे हैं। डायट की छात्रा से सरेराह हुई छेड़छाड़ इसकी बानगी है। छात्रा रिपोर्ट दर्ज कराना नहीं चाहती यह कह कर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। उन्नाव कोतवाली क्षेत्र की एंटी रोमियो स्क्वाड प्रभारी मधु गुप्ता के सीतापुर ट्रेंनिग पर जाने के साथ महिला सिपाही सत्यवती, नीलम और प्रीती को कोतवाली के दूसरे कामों में लगा दिया गया। स्क्वाड के निष्क्रिय होने पर सवाल किया गया तो पुलिस की ओर से जवाब आया कि स्कूल, कोचिंग बंद होने से महिला सिपाहियों को दूसरे कामों पर लगाया गया है। प्रीती को कोतवाली गेट पर आगंतुकों की इंट्री में लगाया गया है। करीब 20 दिन से टीम को शहर में गश्त करते नहीं देखा गया।

बांगरमऊ में एंटी रोमियो प्रभारी एसआई लक्ष्मी के साथ दो सिपाही शबाना और सरोजनी का एंटी रोमियो स्क्वाड बना। अभिलेखों में टीम के सभी सदस्य बांगरमऊ में रहते हैं पर हकीकत में सभी का रोजाना उन्नाव आना जाना होता। सुबह 10 बजे पहुंचना और 5 बजे लौटाना रुटीन में है। बीघापुर में स्क्वाड प्रभारी एसआई अर्चना शुक्ला का गंगाघाट तबादला हो जाने से टीम की महिला सिपाहियों से थाने में आने वाले महिला अपराधों से संबंधित काम लिया जा रहा है। बिहार में एंटी रोमियो प्रभारी रामजीत यादव, बारासगवर में दारोगा प्रमोद कुमार और अचलगंज में दारोगा कृष्णा चंद्र स्क्वाड प्रभारी हैं। महिला सिपाहियों को कभी कभार थाना गेट से आसपास की जगहों, जैसे बैंक, सीएचसी समेत अन्य जगहों पर भ्रमण के लिए लगाया जाता है। बाकी वक्त वह थाने में ही बिताते हैं। सभी का रोजाना थाने आना जाना है।

पुरवा में एंटी रोमियो स्क्वाड प्रभारी शालिनी सहाय के साथ महिला सिपाही राबिया बेगम, संगीता यादव और नवीन चंद्र, रवींद्र, अशोक, राजेंद्र भी थे। रवींद्र, अशोक और राजेंद्र का स्थानांतरण होने से टीम में चार लोग ही बचे। स्कूल, कोचिंग बंद होने और जीप न होने से गश्त नहीं कर पाती हैं। वर्तमान में कोतवाली के काम ही निपटाए जा रहे हैं। सिपाही राबिया बेगम की उम्र 55 साल और बीपी की मरीज हैं। टीम का भी रोजाना उन्नाव से आना जाना होता है। अजगैन में दारोगा ऋषभ यादव और 5 महिला सिपाहियों की टीम हैं। सोहरामऊ में दारोगा उमेश त्रिपाठी महिला सिपाहियों की टीम है। कागजों में एंटी रोमियो स्क्वाड काम भी कर रहा है पर हकीकत यह है कि कभी भी गश्त पर इन लोगों को क्षेत्र के लोगों ने नहीं देखा। लगभग यही हाल अन्य थानों का भी है। जहां एंटी रोमियो दस्ता सड़क पर न के बराबर दिखता है।

योगी सरकार ने काम संभालने के दूसरे दिन ही 20 मार्च को महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन किया था। स्क्वाड को भीड़भाड़ वाले चौराहों, धार्मिक स्थल, रोडवेज बस स्टैंड के साथ अन्य उन जगहों पर गश्त करनी है जहां महिलाओं का अधिक आना-जाना रहता। टीम को बिना वर्दी तैनात रहकर शोहदों से निपटने की हिदायत दी गई थी। टीम के निरीक्षण की जिम्मेदारी पुलिस के राजपत्रित अधिकारी को दी गई थी। हालांकि योजना के शुरुआती दौर में तो कुछ दिन टीम और अधिकारी सक्रिय रहे, समय गुजरने के साथ ही महिलाएं असुरक्षा में जीने को मजबूर हो गईं।

एसपी नेहा पांडेय ने कहा कि एंटी रोमियो दस्ता अपने-अपने क्षेत्रों में शोहदों की निगरानी कर रहा है। सुबह और शाम टीम में तैनात पुलिस कर्मी भीड़भाड़ वाले चौराहों पर गश्त करते हैं। यदि किसी तरह की कोताही इनके द्वारा की जा रही है तो जांच करा कार्रवाई की जाएगी। सर्किल के सभी सीओ को दस्ते की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

source-DJ