अखिलेश यादव क्यों नहीं बनना चाहते प्रधानमंत्री, आखिर वह वजह क्या है?

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राजनीति में सक्रिय हर बड़ा नेता जो कम से कम मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंच जाता है उसकी एक दिली ख्वाहिश होती है कि वह एक दिन प्रधानमंत्री भी बने, लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव कई बार कह चुके हैं कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की कोई इच्छा नहीं है। सवाल उठता है कि आखिर अखिलेश यादव जैसे युवा और साफ-सुथरी छवि वाले नेता ऐसा क्यों कह रहे हैं।

दिल्ली में एक पत्रकार प्रिया सहगल की किताब के विमोचन के मौके पर लगभग सभी दलों के नेता पहुंचे हुए थे और इस कार्यक्रम में जब वरिष्ठ पत्रकार वीर सांघवी ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि जब सभी विपक्षी नेता प्रधानमंत्री बनने की हसरत रखते है, तो ऐसे में कोई गठबंधन कैसे काम करेगा?  इस पर अखिलेश  यादव ने कहा कि उनकी ऐसी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। सांघवी ने फिर पूछा कि पूछा कि ‘नहीं है? तो अखिलेश यादव ने जवाब दिया, ‘‘नहीं है”। सांघवी ने पूछ डाला कि कभी नहीं तो अखिलेश यादव ने जवाब दिया कि कभी नहीं।

इस कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने ही बताया कि वह आखिर क्यों प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहते। अखिलेश यादव ने कहा कि वह प्रधानमंत्री बनने की बजाय वह अपने राज्य की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहेंगे। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब रिपब्लिक टीवी के एक चुनावी सर्वे में कहा गया है कि विपक्षी महागठबंधन अगर उत्तर प्रदेश में एकजुट होकर लड़े तो 40 सीटें तक जीत सकता है। ऐसे में अखिलेश अब महागठबंधन को आकार देने की कोशिशों में और मजबूती से जुट गए हैं। वैसे प्रधानमंत्री नहीं बनने के उनके बयान को इससे जोड़ कर भी देखा जा रहा है कि वह प्रधानमंत्री बनने की ख्वाहिश रखने वाली मायावती और राहुल गांधी को नाराज नहीं करना चाहते।