हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सब्जार के मारने के बाद कश्मीर में हिंसा, 1 की मौत, ट्रेनें-इंटरनेट बंद

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शनिवार को जम्मू-कश्मीर के त्राल में सिक्युरिटी फोर्सेज ने एनकाउंटर में आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर सब्जार अहमद भट को मार गिराया। इसके मरने के बाद घाटी में कई जगह हिंसा भड़क गई। लोगों ने आर्मी पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस दौरान 1 सिविलयन की मौत हो गई और कई लोग जख्मी हो गए। एहतियात के तौर पर ट्रेन और इंटरनेट सर्विसेज सस्पेंड कर दी गई हैं।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक आतंकी सब्जार को पुलवामा जिले के त्राल में सुबह ढेर किया गया। वह बुरहान वानी का उत्तराधिकारी था। बुरहान को सिक्युरिटी फोर्सेस ने पिछले साल 8 जुलाई को मार गिराया था। बुरहान के मारे जाने के बाद भी घाटी 90 दिनों तक हिंसा की चपेट में रही थी। उस दौरान 90 सिविलियंस की मौत हुई थी, 15 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। हिंसा में 2 सिक्युरिटी पर्सनल भी शहीद हुए थे और 4000 से ज्यादा घायल हुए थे।

जम्मू-कश्मीर में शनिवार को सिक्युरिटी फोर्सेज ने 2 एनकाउंटर ऑपरेशन्स को अंजाम दिया। एक ऑपरेशन रामपुर सेक्टर तो दूसरा त्राल में चलाया गया। 24 घंटे में आर्मी ने 10 आतंकी मारे गए, इनमें सब्जार भी शामिल है।

कश्मीर में हिंसा को देखते हुए ट्रेन सर्विस सस्पेंड कर दी गई है। रेलवे के एक ऑफिशियल ने बताया, “नॉर्थ कश्मीर में श्रीनगर-बडगाम और बारामुला के बीच ट्रेनों की आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। इसी तरह बडगाम-श्रीनगर-अनंतनाग-काजीगुंड से बनिहाल तक जाने वाली ट्रेनें भी रद्द कर दी गई हैं। सुरक्षा वजहों से ये कदम उठाया गया है।”

हालांकि शनिवार सुबह तक घाटी में ट्रेन रूट नॉर्मल था। बता दें कि पिछले साल बुरहान वानी के मारे जाने के बाद भी हिंसा के चलते घाटी में ट्रेन सर्विस करीब 6 महीने लगातार सस्पेंड करनी पड़ी थी।

सब्जार के मारे जाने के बाद एहतियात के तौर पर पूरे कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सर्विसेज पर भी रोक लगा दी गई है। एक ऑफिशियल ने बताया कि हालांकि BSNL की ब्रॉडबैंड सर्विस नॉर्मल तरीके से चालू है। किसी तरह की अफवाहें न फैलें, इसलिए ये कदम उठाया गया है। बता दें कि इससे पहले राज्य सरकार ने घाटी में 22 सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर बैन लगा दिया था, जो करीब एक महीने तक जारी रहा था। हालांकि हाल ही में बैन हटा दिया गया था।

कश्मीर में शनिवार को ज्यादातर कॉलेज और स्कूलों को बंद कर दिया गया और लोगों को फोन कर अपने बच्चों को घर ले जाने को कहा गया। इनमें प्राइवेट इंस्टीट्यूशन भी शामिल हैं। एक ऑफिशियल ने बताया कि सब्जार के मारे जाने के बाद भड़की हिंसा में स्टूडेंट्स भी शामिल न हो जाएं, इसलिए ये फैसला लिया गया।