बीजेपी नेता और सुल्तानपुर के सांसद वरुण गांधी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और सुल्तानपुर के सांसद वरुण फिरोज गांधी की उनके संसदीय क्षेत्र के लोगों ने सांसद के लंबे समय से लापता होने के मामले में थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। सुलतानपुर के बीजेपी सांसद वरुण गांधी के पिछले कई महीनों से अपने संसदीय क्षेत्र सुलतानपुर न आने से नाराज कक्कू पाण्डेय यूथ ब्रिगेड के सदस्यों ने नगर कोतवाली में गुमशुदगी की तहरीर दी है। युवाओं का कहना है कि पिछले कई महीनों से सांसद का कोई पता नही चल रहा है। वह कहीं गुम हो गये है लिहाजा पुलिस प्रशासन से उन्होंने ढूंढने की गुहार लगाई है।

युवाओं का कहना है कि सांसद के क्षेत्र में न रहने से तमाम विकास कार्य पिछड़ रहे हैं और जनता उनसे मिलकर अपनी परेशानियां भी बताना चाह रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान वरुण गांधी ने चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में हर तीसरे महीने आकर संसदीय क्षेत्र में रुकने का वायदा किया था।

पिछले साल 27 दिसम्बर को वरुण गांधी सुलतानपुर आये थे तब से आज तक उन्होंने क्षेत्र में शकल नहीं दिखाई है। बीजेपी सांसद वरुण के सुलतानपुर न आने से जिले के विकास कार्यों के लिये होने वाली जिला सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक भी नहीं हो सकी है। विकास भवन से भी कई बार वरुण गांधी को बैठक की अध्यक्षता करने के लिये पत्र जारी किया गया, बावजूद इसके नहीं आये और बैठक आज तक टलती जा रही है।

सुलतानपुर में लम्भुआ के बेलाही गांव निवासी सोमेश मिश्र पुत्र केशव नरायण ने अपने करीब एक दर्जन समर्थकों के साथ परसों दोपहर बाद नगर कोतवाली पहुंचे। वहां उन्होंने एक तहरीर दी। जिसमें कहा कि सांसद वरुण गांधी के जिले में न आने के कारण विकास कार्य बाधित हो रहा है। विकास से संबंधित जिला निगरानी समिति की बैठक तक रद करनी पड़ी है। ऐसे में सांसद का नितांत जरूरी है। उन्होंने तहरीर देकर उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

कोतवाल सुरेश कुमार मिश्र ने कहा जो व्यक्ति जहां रहता है, उसकी गुमशुदगी वहीं दर्ज होती है। सांसद न रहते हैं न ही उनका यहां मकान है। ऐसे में ऐसी मांग करने वालों को वहीं जाना चाहिए जहां सांसद का निवास है। भाजपा जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह छंगू का कहना है कि सांसद वरुण गांधी क्षेत्र में बराबर आते रहते हैं। उनके कार्यालय में लगातार काम होता रहता है। थाने जाना और फोटो खिंचाना, सिर्फ राजनीतिक स्टंट हैं।