उत्तर प्रदेश के प्रिंसिपल सेक्रेटरी पर रिश्वत मांगने का आरोप वापस लिया, बोला- पेट्रोल पंप की फ़ाइल निरस्त होने से परेशान था

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यूपी के प्रमुख सचिव पर 25 लाख रुपये की घूस मांगने का आरोप लगाना वाला अभिषेक गुप्ता अपने बयान से पलट गया है. अभिषेक ने एक वीडियो जारी कर प्रमुख सचिव पर लगाए आरोप वापस ले लिए. उसने कहा कि पेट्रोल पंप के लिए एक करोड़ का लोन ले रखा था और उसकी पेट्रोल पंप की फ़ाइल निरस्त हो गई थी. जिससे वो बहुत परेशान था और ऐसे में ही उसने प्रमुख सचिव पर झूठा आरोप लगा दिया.

आपको बता दें कि शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब अभिषेक ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रिसिंपल सेक्रेटरी पर पेट्रोल पंप की इजाजत के बदले 25 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा डाला. इसके बाद अभिषेक गुप्ता को धोखाधड़ी के आरोप में हिरासत में ले लिया गया.

अभिषेक ने 18 अप्रैल को राज्यपाल राम नाइक को एक पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि उसने हरदोई में पेट्रोल पंप लगाने के लिए ज़मीन खरीदी थी. लेकिन उसकी ज़मीन के सामने ग्राम समाज की सरकारी ज़मीन है. वह चाहते है कि वह उतनी ही अपनी ज़मीन सरकार को दे दे और सरकार ग्राम समाज की ज़मीन उसके नाम लिख दे. लेकिन जो ग्राम समाज की जमीन जो वह चाहते हैं, रिज़र्व केटेगरी की है इसलिए वह शासन में उच्च स्तर से ही उन्हें ट्रांसफर की जा सकती है. अभिषेक ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव शशि गोयल जमीन उसे ट्रांसफर करने के लिए उससे 25 लाख रुपये की घूस मांग रहे थे.

source-NDTV