चुनाव आयोग के आदेश पर डेढ़ हजार एंबुलेंस से समाजवादी शब्द हटाया गया

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भारत निर्वाचन आयोग की सख्ती पर उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पांचवें चरण के मतदान से पहले शिंकजा और कस लिया है। भारतीय जनता पार्टी की शिकायत के बाद उत्तर प्रदेश अखिलेश सरकार की बहुप्रचारित समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा के तहत संचालित सभी एंबुलेंस पर लिखे ‘समाजवादी’ शब्द को ढकने का निर्देश दिया गया है।

आयोग के निर्देश पर समाजवादी 108 एंबुलेंस सेवा के तहत प्रदेश में संचालित सभी 1488 एंबुलेंस पर अंकित ‘समाजवादी’ शब्द को हटा दिया गया है। चुनाव आयोग ने आचार संहिता का पालन करने का सख्त आदेश दिया था लेकिन आचार संहिता लगने के बावजूद सपा सरकार की समाजवादी एम्बुलेंस धड़ल्ले से घूम रही थी।

भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रबंधन प्रभारी जेपीएस राठौर ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी कि समाजवादी एंबुलेंस सेवा के तहत संचालित एंबुलेंस पर ‘समाजवादी’ शब्द अंकित होना चुनाव की आदर्र्श आचार संहिता का उल्लंघन है। आयोग ने उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए 108 एंबुलेंस पर लिखे ‘समाजवादी स्वास्थ सेवा’ में ‘समाजवादी’ शब्द को ढकने का निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पांडेय के मुताबिक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आयोग के निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश मुख्य सचिव सहित सभी संबंधित अधिकारियों को जारी कर दिया है।
नेशनल हेल्थ मिशन के मिशन निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन कर रही फर्म जेवीकेएमआरआइ यूपी ने लिखित अंडरटेकिंग दे दी है कि आयोग के निर्देश के क्रम में चल रही सभी एंबुलेंस से ‘समाजवादी’ शब्द को हटा दिया गया है।

यूपी के मुख्य चुनाव अधिकारी टी. वेंकटेश ने प्रदेश सरकार को एंबुलेंस सेवा में ‘समाजवादी’ शब्द ढकने का निर्देश दिया है। इससे पहले चुनाव आयोग का एक और फरमान खासा चर्चा में रहा था। वैसे विरोधी लैपटॉप और स्कूल बैग का भी इसी तरह विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इन पर अखिलेश यादव की तस्वीर आती है. हालांकि आयोग ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले 2012 में आयोग ने प्रदेश के पार्कों में लगी हाथियों की मूर्तियों को इसलिए ढकवाया था, क्योंकि वह बसपा का चुनाव निशान था।

एंबुलेंस सेवा में घोटाला भी आया सामने

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में 108 व 102 एंबुलेंस सेवाओं के कार्यान्वयन में करोड़ों रुपये धन की हेराफेरी के आरोपों पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी पूछा है कि अभी तक सरकार ने इस मामले में आरोपों की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री रविदास मेहरोत्रा के खिलाफ क्या कार्रवाई की है।आयोग ने उनकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए 108 एंबुलेंस पर लिखे समाजवादी स्वास्थ सेवा में समाजवादी शब्द को ढकने का निर्देश मुख्य निर्वाचन अधिकारी को दिया है।