उत्कल एक्सप्रेस की 14 बोगियां पटरी से उतरने से अब तक 23 की मौत, 81 घायल

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शनिवार की शाम करीब 5.40 बजे पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस मुजफ्फरनगर के खतौली में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ट्रैन की 14 बोगियां पटरी से उतरने से 23 लोगों की मौत हो गई और 81 से अधिक लोग घायल हो गए। हादसे के बाद तत्काल बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। थोड़ी ही देर में जिला प्रशासन की टीम और पुलिस के साथ ही रेलवे के अधिकारी कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए।

युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम शुरु कर दिया गया। दुर्घटना का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन जहां दुर्घटना हुई है वहां शुक्रवार की रात ट्रैक में क्रैक था, जिसकी सुबह से ही मरम्मत का काम चल रहा था। यहां से कई ट्रेनों को कासन के साथ धीमी गति से चलाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्कल एक्सप्रेस की गति काफी तेज थी। हादसा इतना जबरदस्त था कि तीन बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। दो बोगी ट्रैक से उतरकर तिलकराम इंटर कालेज की दीवार से टकराकर रुकीं।

विस्तृत जानकारी के लिए भारतीय रेलवे ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किया है

ट्रेन की एक बोगी जगत कालोनी गेट के पास स्थित चौधरी जगत सिंह के मकान में घुस गई। यहां से पांच-छह घायलों को निकालकर अस्पताल भिजवाया गया। छह बोगी इंजन के साथ आगे चली गईं, करीब एक किलोमीटर आगे जाकर चालक ने ट्रेन को रोका। हादसे के बाद ट्रेन में सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। लोगों ने बोगियों से निकाल कर सभी घायलों को सांमुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया यहां 12 लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतकों में सात महिलाएं और एक बच्ची भी है। इसके अलावा यहां लाए गए 81 घायलों को प्राथमिक उपचार किया गया। इनमें से कुछ गंभीर घायलों को बेगराजपुर मेडिकल कालेज और मेरठ मेडिकल कालेज अस्पताल भेज दिया गया। कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

एक यात्री की मौत मुजफ्फरनगर जिला अस्पताल में और एक अन्य की मौत बेगराज मेडिकल कालेज में हो गई। आसपास के जिलों की एंबुलेंस भी खतौली बुला ली गई हैं। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। एक दूसरे के ऊपर चढ़ बोगियों को काटकर अंदर फेसे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान भी मौके पर पहुंच गए। वह स्वयं भी राहत कार्य में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को हर तरह की मदद उपलब्ध कराई जा रही। हालांकि प्राथमिकता घायलों के मुकम्मल इलाज की है।