US को फिर दबंग बनाने के वादे से ट्रम्प को मिला फायदा, बीमारियां हिलेरी पर पड़ी भारी

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 US इलेक्शन में ट्रम्प जीत की ओर हैं। देश को सबसे उम्रदराज प्रेसिडेंट मिलने जा रहा है। सर्वे गलत साबित हो रहे हैं। अमेरिका पहली महिला प्रेसिडेंट पाने के रिकॉर्ड से चूक रहा है। महिलाओं के खिलाफ कमेंट्स करने की वजह से ट्रम्प के खिलाफ जबरदस्त माहौल जरूर बना लेकिन, हिलेरी इसे अपने फेवर में कर पाने में नाकाम साबित होती लग रही हैं। उन्होंने अपने एनालिसिस में बताया कि आखिर क्यों ट्रम्प जीत रहे हैं और हिलेरी पीछे छूट गईं हैं। इन 5 वजहों से जीत रहे ट्रम्प…
1# ट्रम्प ने वादा किया कि वे देश को पुराने अमेरिका में बदलना चाहते हैं, जिससे दुनिया डरती थी। इस नए सपने ने यूथ वोटर को उनके फेवर में कर दिया।
2# मुस्लिमों को छोड़कर भारतीय और गैर-अमेरिकी ट्रम्प के फेवर में थे।
3# गन कल्चर के फेवर में थे, ऐसे में हथियार बनाने वाली इंडस्ट्रीज लॉबी ट्रम्प के फेवर में थी।
4# ट्रम्प में फैनेटिक नेशनलिज्म है। इसने अमेरिका में एक नया सेंसेशन पैदा किया। दुनिया में ऐसे हार्डलाइनर नेताओं को पसंद किया जा रहा है।
5# यहूदी लॉबी ट्रम्प के फेवर में थी।
इसलिए हार रहीं हिलेरी
1# कहा जाता रहा कि उन्हें कई बीमारियां हैं। उनकी सेहत के बारे में कई चीजें छुपाई जाती रही हैं। ट्रम्प ने इस मुद्दे को उठाया। इससे मैसेज गया कि वे जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा पांएगी।
2# ओबामा प्रेसिडेंट बने तो अमेरिका में मंदी थी। कहा गया कि वे इकोनॉमी को ट्रैक पर ले आएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वोटर्स को लगा कि हिलेरी के रूप में अगर फिर एक डैमोक्रेट को चुना गया तो इकोनॉमी में कोई सुधार नहीं होगा।
3# यहूदी लॉबी अमेरिका में कैम्पेनिंग में बड़ा किरदार निभाती है। यह हिलेरी के फेवर में नहीं थी।
4# गन कल्चर विरोधी और लिबरल हैं। ऐसे में हथियारों को बनाने वाली इंटस्ट्रीज लॉबी उनके विरोध में थी। परदे के पीछे उनके खिलाफ काम कर रही थी।
5# बतौर फॉरेन मिनिस्टर निजी सर्वेर से लाखों सरकारी मेल भेजे। ट्रम्प ने इसे मुद्दा बनाया। वोटिंग से कुछ दिन पहले एफबीआई ने उन्हें क्लीनचिट दे दी, लेकिन कहा वे बहुत केयरलेस हैं। इससे उनके खिलाफ माहौल बना।
इसे आखिरी फैसला नहीं माना जा सकता
– बता दें कि इसे अभी ट्रम्प की फाइनल जीत नहीं माना जा सकता।
– अभी इलेक्टोरल कॉलेज दिसंबर में प्रेसिडेंट चुनने के लिए वोटिंग करेगा। उसे ही आखिरी फैसला माना जाएगा।
– जॉर्ज डब्लू बुश पहली बार जब प्रेसिडेंट बने थे तब वे पॉपुलर वोटिंग में हार गए थे, लेकिन इलेक्टोरल कॉलेज की वोटिंग में जीत गए थे।