कॉमन वेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली यूपी की वेटलिफ्टर पूनम यादव नहीं खेल पाएंगी एशियाड

20
SHARE

इंटरनेशनल वेटलिफ्टर पूनम यादव जकार्ता में होने वाले एशियाड में नहीं खेल पाएगी। पूनम यादव को वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इण्डिया ने भारत सरकार के (टॉप्स ) टारगेट ऑफ पोडियम स्कीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। सेकेट्री जनरल इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन सहदेव यादव ने बताया कि अनुशासनहीनता में पूनम यादव को बाहर कर दिया गया है। इंटरनेशनल प्लेयर के रूप में मिलने वाली सुविधाओं और इस साल कैंप में हिस्सा लेने पर बैन लगा दिया गया है। प्रैक्टिस के लिए मिलने वाले 50 हजार रूपये महीने पर भी रोक लगा दी गई है। बीते 8 अप्रैल को पूनम ने गोल्ड कोस्ट में कॉमनवेल्थ में गोल्ड मैडल मैडल जीता था।

सहदेव यादव ने बताया कि 15 अप्रैल को वेटलिफ्टिंग टीम दिल्ली के लिए गोल्ड कोस्ट से निकली। फेडरेशन द्वारा पटियाला में इंडियन कैम्प में सभी खिलाड़ियों को दिल्ली से पटियाला कैम्प में कॉल किया गया। पूनम पटियाला कैम्प में नहीं आयी। दिल्ली से बिना किसी को बताए वाराणसी चली आयी। फेडरेशन ने दो नोटिस और एक मेल पूनम को भेजे, जिसका जवाब नहीं दिया गया तो कार्यवाही हुई।

रूलिंग के अनुसार जो खिलाड़ी हमारे कैंप में शामिल नहीं होगा वो एशियाड में नहीं जा सकता है। पूनम ने कैंप ज्वॉइन ही नहीं किया। टॉप्स ओलंपिक की तैयारियों के लिए भारत सरकार को योजना है।

सहदेव यादव ने बताया कि पूनम को खिलाड़ियों और फिजियोथिरेपी एक्सपर्ट द्वारा सुचना दिलवाकर ग्राउंड लेवल पर समझाने का काफी प्रयास किया गया। जिसने भी उससे बात किया पूनम ने पलटकर यही जवाब दिया कि क्या फेडरेशन का डिक्टेटरशिप है। सहयोगियों ने उससे कहा भी कि नोटिस का जबाब दे देना ,फिर भी उसने नहीं दिया।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में 63 किलो वेट कैटेगरी में ब्रांज जीता था। उस समय भी वह कैंप में नहीं पहुंची थी। बहाने बनाकर जवाब नहीं दिया। इस बार भी इसने कहा भाई बीमार है, घर आयी हूं। इस बार इंक्वायरी बिठाई गयी तो पता चला लखनऊ में है। लेकिन रीजन छुपाती रही।

सहदेव यादव ने बताया इस साल पूनम ने इंडियन ट्रेनिंग कैंप को मिस किया है। 2019 में किसी भी गेम में हिस्सा नहीं ले पायेगी। अगले साल उसको नेशनल जीतकर प्लेयर्स के साथ इंडियन कैंप के लिए जगह बनानी होगी। साथ में बिहेवियर से प्रूफ करना होगा कि वो अनुशासनहीनता नहीं करेगी।

शशि ने बताया कुछ दिनों पहले दो लेटर आए थे। हमारे परिवार में इतना कोई पढ़ा लिखा नहीं है कि लेटर को समझ पाता। पूनम को भी हम लोगो ने बताया था, वो समझी बहुत से लेटर जीत के बाद आते रहते है। किसी ने भेजा होगा। पिता कैलाश यादव ने कहा मेरी बेटी ने जाने अंजाने कोई गलती की है तो फेडरेशन उसे माफ़ कर दे। हम लोगो को जानकारी होती कि ऐसा निर्णय आ जाएगा तो कैंप में जरूर उसको वापस भेज देते।

पूनम ने बीए किया है। चार बहनें दो भाई हैं। बड़ी बहन किरण यादव, शशिलता यादव, शशि, पूनम, पूजा। छोटे भाई आशुतोष यादव और अभिषेक यादव (नेशनल हॉकी प्लेयर) हैं। एशियाड 2014 में सिल्वर मेडल, सीनियर नेशनल 2014 में सिल्वर मेडल, 2014 कॉमनवेल्थ में ब्रांज मेडल, 2018 कॉमनवेल्थ में गोल्ड मैडल जीता है।

source- Dainik Bhaskar