उपेंद्र कुशवाहा ने कहा 2020 के बाद नीतीश नहीं रहेंगे बिहार के मुख्यमंत्री

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बिहार में एनडीए के दलों में सीट बंटवारे को लेकर चल रही बैठकों के दौर के बीच राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के नेता और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा बड़ा बयान दिया है जो एनडीए की ही एक और सहयोगी जेडीयू को असहज करने वाला है। कुशवाहा ने कहा है कि नीतीश कुमार अब अगली बार बिहार के मुख्यमंत्री पद पर रहना नहीं चाहते हैं।
बुधवार को पटना में अपनी पार्टी के ही एक कार्यक्रम में उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि 2020 विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार खुद मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा वह मुख्यमंत्री पर कोई राजनीति नहीं कर रहे और ना ही कोई व्यंग्यात्मक टिप्पणी। उनके मुताबिक नीतीश कुमार खुद कह चुके हैं कि 2020 विधानसभा चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश ने एक बार कहा था कि वह 15 साल मुख्यमंत्री रह चुके हैं। वह और कब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे।
कुशवाहा के इस तरह के बयान को जेडीयू ने पूरी तरह खारिज कर दिया। जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने का जनादेश मिला है। उन्हें विधायकों का पूरा समर्थन है और वह अपने पद पर बने रहेंगे।
इस बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि बिहार में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए सीटों का फॉर्मूला तय कर लिया गया है। इसते तहत बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर, लोकजनशक्ति पार्टी 4 सीटों पर और आरएलएसपी 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
समझा जा रहा है कि कुशवाहा इस पर मान गए हैं क्योंकि उनका बयान यह भी आया है कि हम एनडीए में हर तरह की कुर्बानी देने को तैयार हैं। उन्होंने अपनी पुरानी बात को भी दोहराया कि जब जरूरत पड़ती है तब रालोसपा से कुर्बानी की उम्मीद करने वाले फायदे के वक्त रालोसपा को हिस्सेदारी क्यों नहीं दी गई, उन्होंने कहा कि इसका जवाब दिया जाए फिर वो एनडीए के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हैं। उनका इशारा बिहार की सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर था। उनके इस तरह के बयान से साफ है कि वह अब एनडीए में ही बने रहेंगे।