उपेंद्र कुशवाहा ने काराकाट से किया नामांकन, रामलीला वाले बयान पर बवाल

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने आज बिहार की काराकाट लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन से पहले कुशवाहा सासाराम स्थिति तारा चंडी देवी मंदिर गए। विधिवत पूजा अर्चना के बाद उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने एक जनसभा को भी संबोधित किया। डिहरी के पड़ाव मैदान में हुई इस सभा में कुशवाहा के साथ शरद यादव समेत महागठबंधन के कई वरिष्ठ नेता भी दिखाई दिए। उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि उन्हें जनता का आशीर्वाद हासिल है और वह भारी मतों के साथ काराकाट और उजियारपुर दोनों सीटें जीतेंगे।

इस बीच उपेंद्र कुशवाहा को उनके विरोधी उनके बयान की मनमानी व्याख्या करके घेरने की कोशिश भी कर रहे हैं। कुशवाहा का दरभंगा में दिया गया एक बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने बीजेपी के दो चेहरे होने की बात कही है। एक पर्दे के सामने और एक पर्दे के पीछे का चेहरा।

उपेंद्र कुशवाहा ने उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की है कि जिस तरह से रामलीला के पात्र जब पर्दे के आगे मंच पर होते हैं तो वह देवी-देवताओं के किरदार में होते हैं और उन्हें देख कर लोगों का सिर श्रद्धा से झुक जाता है, लेकिन पर्दे के पीछे ये किरदार अपने असली रूप में होते हैं। कुशवाहा ने कहा कि सरकार में रहते हुए उन्होंने भाजपा का पर्दे के पीछे वाला चेहरा भी अच्छी तरह से देखा है। कुशवाहा विरोधी उनके इसी बयान को मां सीता का अपमान बता रहे हैं जबकि कुशवाहा ने साफ-साफ रामलीला के पात्रों का जिक्र किया है।