यूपी बोर्ड- रेगुलर हाईस्कूल की परीक्षा 18 साल की उम्र के बाद नहीं

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माध्यमिक शिक्षा परिषद मुख्यालय ने यूपी बोर्ड की अहम बैठक में एक कई अहम प्रस्ताव भी पास किए हैं, जिसके बाद रेगुलर छात्र जिनकी न्यूनतम 14 वर्ष और अधिकतम 18 वर्ष की आयु होगी, वही हाईस्कूल का परीक्षार्थी बन सकेगा। प्राइवेट परीक्षार्थी की कोई उम्र सीमा नहीं है। अभी शासन की मंजूरी मिलना बाकि है| परिषद के सभापति और माध्यमिक शिक्षा निदेशक अमरनाथ वर्मा की अध्यक्षता में मुख्यालय की बोर्ड बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसमें सचिव शैल यादव, अपर सचिव शिवलाल समेत समूचे बोर्ड के अफसर मौजूद थे।

बोर्ड के इस कदम हाईस्कूल में आयु निर्धारण से शिक्षा माफियाओं पर शिकंजा कसने में बड़ी मदद मिलेगी। इसका असर नये शैक्षिक सत्र के पंजीकरण और परीक्षा फार्म भरने के समय ही दिखने लगेगा।बोर्ड सचिव शैल यादव ने बताया कि ऐसे भी तमाम प्रकरण सामने आ रहे हैं कि लोग सुरक्षा बलों में या दूसरी सरकारी नौकरी पाने के लिए उम्र कम करवाने के लिए दोबारा परीक्षा देते हैं। ऐसे परीक्षार्थियों का पहला अंक व प्रमाणपत्र तत्काल निरस्त किया जाएगा और उन्हें परीक्षार्थी बनाने वाले विद्यालय पर कार्रवाई होगी। यही नहीं यदि ऐसे परीक्षार्थी जो यूपी बोर्ड से परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं और समकक्ष परीक्षा के लिए दूसरे बोर्ड या संस्थान में जाते हैं तो प्रकरण संज्ञान में आने पर वहां भी पत्र भेजकर परीक्षार्थी पर कार्रवाई कराएंगे साथ ही उसके बोर्ड के अभिलेख तत्काल निरस्त होंगे। एक विषय से परीक्षा देने वालों पर यह नियम लागू नहीं होगा।