लखीमपुर खीरी में डॉयल 100 ढो रही सवारियां, दो सस्पेंड

22
SHARE

लखीमपुर खीरी के एसपी चनप्पा ने यूपी डॉयल 100 में सवारी ढोने वाले दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई सिपाही राम भरोसे और धर्मेंद्र रावत पर हुई। आईजी जोन लखनऊ ए. सतीश गणेश ने इनोवा पर ड्यूटी में लगे सिपाहियों के गाड़ी पर सवारी ढोने के मामले को बेहद गंभीरता से लेकर लखीमपुर खीरी के एससी को इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रकरण में हेड कांस्टेबल रामभरोसे और धर्मेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच शुरू करवा दी है। दोनों गाड़ी सर्विस कराने के लिए लखनऊ ले गए थे। जिसमें सवारी ढोई जा रही थी। सोशल मीडिया में मैसेज वायरल होने के बाद आइजी के निर्देश पर एसपी ने बड़ा कदम उठाया।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने डॉयल 100 सेवा को पूरे उत्तर प्रदेश में शुरू करके जनता की सुरक्षा के लिया एक अच्छा कदम उठाया था, पर लखीमपुर खीरी जिले में पुलिस की इनोवा सवारी ढो रही है। पुलिस की इनोवा (यूपी 32डीजी 2850) में सिपाही एलआरपी चौराहे से सीतापुर तक धड़ल्ले से सवारियां बैठकर पैसे कमा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पुलिस का यह खेल रात में और जोरो पर चलता है। पुलिस पर आरोप यह भी है कि डॉयल 100 पर तैनात सिपाहियों के रेट भी फिक्स हैं। किसी सूचना पर जब यह पुलिसकर्मी ग्रामीण इलाकों में पहुंचते हैं तो पीडि़तों से दो से लेकर पांच हजार हजार रुपये तक वसूल करते हैं।

डॉयल 100 पर तैनात सिपाही अपना कनेक्शन सीधे लखनऊ से जुड़ा होने की बात कहकर धमकाते भी हैं। वह कहते हैं जिले के सीओ तथा एसपी या एसएसपी हमारा कुछ भी नहीं बिगाड़ सकते हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में पुलिस की गाड़ी में बैठकर पुलिसकर्मी सूनसान जगहों पर जमकर वसूली करते हैं। वसूली करने वाले सिपाहियों ने रेट फिक्स कर रखे हैं। इनमें भारी लोडेड ट्रकों से 100 से लेकर 500 रुपये, ट्रैक्टर से 50 रुपये और छोटा हाथी या लोडर से 20 से 100 रुपये तक वसूले जाते हैं। इनकी वसूली का यह खेल शाम होते ही शहर के ग्रामीण इलाकों में भी शुरू हो जाता है। जिससे की नेशनल हाइवे के साथ ही राज्य की सड़कों पर भी भयंकर जाम की भी स्थिति बन जाती है।