ट्रम्प :चुराया हुआ अमेरिकी ड्रोन चीन ही रख ले

17
SHARE
अमेरिका के प्रेसिडेंट इलेक्ट डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि चीन को जब्त अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन को अपने पास रख लेना चाहिए। ट्रम्प ने ट्वीट कर रहा, “हमें चीन को बता देना चाहिए कि हमें वह ड्रोन नहीं चाहिए जिसे चीन ने चुराया है, उसे यह अपने पास ही रख लेना चाहिए।” ट्रम्प का यह बयान बीजिंग के उस रवैये के बाद सामने आया है जिसमें उसने कहा था कि विवादित साउथ चाइना सी में जब्त यूएस ड्रोन को वह ‘वाजिब तरीकों’ से लौटाने को राजी है। ट्रम्प के ट्वीट को चीन को लेकर उनकी बढ़ती तल्खी के तौर पर देखा जा रहा है।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, ट्रम्प के ट्वीट के पहले पेंटागन की तरफ से जारी बयान में कहा गया था कि अमेरिका ड्रोन की वापसी को लेकर चीन के साथ एक समझ बनाने के करीब पहुंच गया है।पेंटागन के स्पोक्सपर्सन पीटर कुक ने कहा था, ‘चीन सरकार से सीधे कॉन्टेक्ट कर हमने यह तय कर लिया है कि चीन अमेरिका को ड्रोन लौटा देगा।’ हालांकि पेंटागन ने यह आरोप भी लगाया था कि चीन ने साउथ चाइना सी में 15 दिसंबर को अमेरिकी ड्रोन (यूएस नेवी का ओशेनोग्राफिक सर्वे शिप) को गैरकानूनी तरीकों से अपने कब्जे में लिया।अमेरिका ने इस मामले में एक फॉर्मल डिप्लोमेटिक कम्प्लेन्ट दर्ज कराई थी। इस घटना को दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के बीच गंभीर सैन्य टकराव जैसे हालात माना जा रहा है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने इस मसले पर 2 ट्वीट किए हैं। अपने पहले ट्वीट में ट्रम्प ने चीन पर अमेरिकी ड्रोन चोरी का आरोप लगाया।लिखा, ‘चीन ने इंटरनेशनल वाटर्स में यूएस नेवी के रिसर्च ड्रोन को चुरा लिया है, उन्होंने उसे पानी से निकाला और चीन ले गए, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।’
अमेरिका के डिफेंस डिपार्टमेंट के एक ऑफिशियल के मुताबिक, अंडरवाटर ड्रोन को सुबिक घाटी से 50 km दूर अंतरराष्ट्रीय जल सीमा में पकड़ा गया था।’चीन द्वारा जब्त किए गए ड्रोन का इस्तेमाल समुद्र के पानी में खारापन और तापमान की जांच के लिए किया जा रहा था।’
चीन ने शनिवार को कहा था, ‘अमेरिका इस मामले को बेवजह तूल दे रहा है।’ इसके साथ बीजिंग ने यह भी कहा था कि वह अमेरिकी ड्रोन को ‘वाजिब तरीकों’ के तहत लौटा देगा।चीन की डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन सीनियर कर्नल यांग युजुन ने अमेरिका के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था, ‘चीन ने जहाजों के सेफ नेविगेशन के लिए अंडरवाटर ग्लाइडर को जब्त किया था।’
माना जा रहा है कि ड्रोन विवाद से दोनों देशों के डिप्लोमैटिक रिलेशन अपने सबसे बुरे दौर में पहुंच गए हैं।एक्सपर्ट का कहना है, ‘ड्रोन को जब्त करना दोनों देशों के बीच बेहद अहम मिलिट्री घटना है। इससे पहले 2001 में यूएस नेवी का सर्विलांस एयरक्राफ्ट और चीन का एक फाइटर जेट टकराए थे, जिसमें चीनी पायलट की मौत हो गई थी|’