यमुना एक्सप्रेस-वे पर पकड़ा गया 27 टन बीफ से भरा ट्रक, भोपाल से जा रहा था दिल्ली

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उत्तर प्रदेश के पशु पालन विभाग के मथुरा में स्थित पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय की लैब ने कहा है कि दो दिन पहले यमुना एक्सप्रेस-वे पर पुलिस की जांच में पकड़े 27 टन मांस से भरे ट्रक में बीफ था.

मांट क्षेत्र के सर्कल ऑफिसर (सीओ) संजय कुमार सागर ने बताया कि गुरुवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर शाम को गश्त के दौरान भोपाल से दिल्ली की ओर जा रहे तिरपाल से ढंके एक ट्रक को पकड़ा गया था.

पुलिस की पूछताछ में ट्रक ड्राइवर चांद खां ने बताया कि यह सारा मांस जिंसी कट्टीघर भोपाल निवासी शाहजमा खान ने भैंस का मीट बताकर बुक कराया था, जिसे दिल्ली के बंगाली मार्केट स्थित अल अली एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को पहुंचाया जाना था.

सीओ संजय कुमार सागर ने बताया कि ट्रक को जब्त कर वेटरनरी डिपार्टमेंट के विशेषज्ञों को बुलाकर इसकी जांच कराई गई. शुक्रवार को आई रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने उक्त मांस को बीफ या गोवंश का मांस बताया.

सीओ ने बताया कि ट्रक ड्राइवर और क्लीनर तथा उनके बताए आधार पर बीफ का कारोबार करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है.

गौरतलब है कि बीते साल गौतमबुद्धनगर के बिसाहड़ा गांव में बीफ के चक्कर में ग्रामीणों ने अखलाक नामक एक व्यक्ति को मौत के घाट उतार दिया गया था. इसके बाद देशभर में इंटॉलरेंस को लेकर बहस छिड़ गई थी.

इस मुद्दे पर जमकर राजनीति भी की गई और कई राज्यों में बीफ को बैन कर दिया गया, जिनमें ज्यादातर भाजपा शासित राज्य शामिल थे. इसके बावजूद अब भी बीफ का काला कारोबार अब भी धड़ल्ले से जारी है. सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि यह सबकुछ भाजपा शासित मध्य प्रदेश में हो रहा है. यह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है.y