आज सपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शिवपाल की छुट्टी संभव

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आज लखनऊ में समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री तथा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव करेंगे। इस बैठक में चुनाव में मिली हार की समीक्षा के साथ-साथ भितरघात करने वालों की शिनाख्त कर कार्रवाई भी की जाएगी, बैठक में यह भी तय होगा कि मुलायम सिंह यादव कुनबा इस बार चुनावों में मिली हार के बाद एकजुट होगा या फिर हमेशा के लिए बिखर जाएगा। इस बैठक में शिवपाल यादव को नहीं बुलाया गया है। इतना ही नहीं पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के आने पर भी सस्पेंस बरकरार है। कल देर शाम तक शिवपाल सिंह यादव को निमंत्रण न दिए जाने के बाद अटकलों का बाजार गर्म है कि उनकी पार्टी से छुट्टी हो सकती है।

सूत्रों के मुताबिक बैठक में भितरघात करने वालों की शिनाख्त कर उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्हें पार्टी से भी निकाला जा सकता है। बताया जा रहा है कि शिवपाल समेत कुछ बड़े नेता पार्टी के निशाने पर हैं जिन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
सदस्यता अभियान चलाने को लेकर होगी मंत्रणा
पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा ने बताया कि आज होने वाली बैठक में सदस्यता अभियान, राज्य सम्मेलनों और संगठन का पुनर्गठन को लेकर विचार विमर्श किया जाएगा। पार्टी के विधायकों ने अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के नाते सभी फैसले लेने का अधिकार सौंप रखा है।
सृजित होगा संरक्षक का पद
पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथ में आने के बाद आज यहां होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पहली कई अहम फैसले होने की संभावना है। पार्टी के संविधान में संशोधन कर संरक्षक व कार्यवाहक अध्यक्ष का पद सृजित किया जा सकता है। समाजवादी परिवार में महासंग्राम के बीच एक जनवरी को जनेश्वर मिश्र पार्क में हुए विशेष राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह के स्थान पर अखिलेश यादव को अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
उसी दिन मुलायम को संरक्षक का ओहदा दिया गया, मगर सपा के संविधान में यह पद नहीं है। बैठक में पार्टी के संविधान में संशोधन कर संरक्षक का पद सृजित किया जा सकता है और संरक्षक के अधिकार व दायित्व परिभाषित किये जाने की संभावना है। पार्टी में एक कार्यवाहक अध्यक्ष बनाने पर भी चर्चा हो सकती है।
वर्ष 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद यह पहला मौका होगा, जब कोई पद सृजित करने के लिए संविधान संशोधित होगा। इस बैठक में संगठन के चुनाव और उनकी तिथियों का प्रस्ताव पास किया जाएगा। सदस्यता अभियान शुरू करने की तिथि व तरीकों पर विचार होगा। इस बार सदस्यता अभियान में तकनीक का सहारा लेने पर जोर दिया जाएगा।
विधानसभा चुनाव में हार पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से भी कुछ प्रस्ताव पेश किये जा सकते हैं। आज की बैठक में राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों, सदस्यों को अध्यक्ष की इजाजत से नए प्रस्ताव रखने का अधिकार होगा। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए दो दर्जन से अधिक प्रतिनिधि लखनऊ पहुंच गये हैं।