आज से 3 दिन बंद रहेंगे बैंक

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शनिवार से सोमवार तक बैंकों में छुटिटयां हैं। बैंकरों को डर है कि तीन दिन बाद ब्रांच खुलेंगे तो फिर भारी भीड़ उमड़ेगी। ज्यादातर जगहों पर नोटबंदी के महीने भर बाद भी कैश की दिक्कत बरकरार है। न तो बैंकों से लोग पैसे निकाल पा रहे हैं, न ही एटीएम में नोट हैं। कई बैंकरों ने बताया कि सरकार और रिजर्व बैंक भले बार-बार पर्याप्त कैश होने की बात कह रहे हों, हकीकत यही है कि उन्हें करंसी चेस्ट से बहुत कम नोट मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो हफ्ते तक हालात ऐसे ही रहने के आसार हैं। बता दें कि बैंक हर महीने के दूसरे शनिवार को बंद रहते हैं। रविवार को ऑफ रहता है। वहीं, सोमवार को ईद-ए-मिलादुन्नबी की छुट्टी है|
एक प्राइवेट बैंक के अफसर ने बताया बताया, ”देश के 95 फीसदी एटीएम रिकैलिब्रेट किए जा चुके हैं, लेकिन लॉजिस्टिक्स के कारण कैश की समस्या बरकरार है। एटीएम में दिन में सिर्फ एक बार पैसे भरे जा रहे हैं।”
रिजर्व बैंक ने चेकबुक या विदड्रॉअल से एक हफ्ते में 24,000 रुपए निकालने की सीमा रखी है। लेकिन कैश की किल्लत के कारण बहुत सी ब्रांचों में 2,000 रुपए ही दिए जा रहे हैं। ऐसे में, ग्राहक बैंकों से हर्जाना भी मांग रहे हैं। उसी तरह, जैसे मिनिमम बैलेंस नहीं होने पर बैंक जुर्माना लेते हैं।
ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज ऑर्गनाइजेशन के एक अफसर ने कहा, ”कालाधन के खिलाफ लड़ाई अच्छी बात है, लेकिन नोटबंदी के बाद बैंक और एटीएम में नकदी नहीं रहना भी तो ठीक नहीं है।आरबीआई बयान जारी करता है कि वह पर्याप्त नकदी उपलब्ध करा रहा है तो लोग नाराज और हमारे खिलाफ हो जाते हैं।ऐसे में, सरकार या केंद्रीय बैंक का बयान लोगों को गुमराह करने जैसा है|”