तैमूर नहीं बन सकेगा 5000 करोड़ की जायदाद का दावेदार

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करीना और सैफ अली खान का बेटा तैमूर अली खान पटौदी यहां मौजूद करीब 5000 करोड़ रुपए की जायदाद का वारिस नहीं बन पाएगा। दरअसल, भोपाल के आखिरी नवाब और सैफ के परदादा हमीदुल्ला खान की पूरी मूवेबल और इम्मूवेबल प्रॉपर्टी एनिमी प्रॉपर्टी एक्ट की जद में है। सरकार बार-बार ऑर्डिनेंस लाती रहती है ताकि पार्टिशन के बाद पाकिस्तान जा चुके राजघराने के लोगों की प्रॉपर्टी पर दावों का निपटारा होने तक उसे खरीदा-बेचा ना जा सके। मोदी सरकार की कैबिनेट ने गुरुवार को ही 5वीं बार ऑर्डिनेंस जारी करने को मंजूरी दे दी। इसके चलते फिलहाल सैफ या उनके बेटे को इस प्रॉपर्टी से कोई फायदा नहीं मिलने वाला|
भोपाल में सैफ के परदादा की कुल प्रॉपर्टी करीब 5000 करोड़ रुपए की है। हरियाणा और देश के दूसरे हिस्सों में भी उनकी करोड़ों की प्रॉपर्टी है।पिता नवाब पटौदी के निधन के बाद कुछ महीने तक इसकी देखरेख उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर ने की।बाद में उन्होंने इसकी जिम्मेदारी सैफ की बहन फैशन डिजाइनर सबा को दे दी। नवाब पटौदी की वसीयत अभी तक सामने नहीं आई है। इससे यह साफ नहीं है कि उन्होंने अपने 3 बच्चों और पत्नी को कितनी प्रॉपर्टी दी है? सैफ के पहली पत्नी अमृता सिंह से एक बेटा और एक बेटी है। दोनों बालिग हो चुके हैं। अब दूसरी बीवी करीना के बेटा होने से जायदाद का तीसरा दावेदार भी हो गया है|
नवाब पटौदी की प्रॉपर्टी शुरू से ही विवादों में हैं। भोपाल में उनकी ज्यादातर जमीन-जायदाद शत्रु संपत्ति की जद में आ चुकी है। गृह मंत्रालय का शत्रु संपत्ति विभाग इस प्रॉपर्टी की जांच कर रहा है।भोपाल के नवाब हमीदुल्ला खान ने जायदाद का वारिस अपनी बड़ी बेटी आबिदा को बनाया था, जो पाकिस्तान चली गई थीं।इसके बाद इस प्रॉपर्टी पर मंझली बेटी साजिदा सुल्तान के परिवार का कब्जा हो गया, जिनके पोते हैं सैफ अली खान, यानी हमीदुल्ला के पड़पोते। बीते दिनों शत्रु संपत्ति विभाग ने सैफ से पूछा था कि उनके परदादा की संपत्ति कहां-कहां हैं?
भोपाल के हिस्टोरियन सैयद अख्तर हुसैन ने बताया कि साजिदा सुल्तान ने नवाब हमीदुल्ला खां की प्रॉपर्टी को नवाब पटौदी के नाम नहीं किया था। हालांकि, बेटा होने के कारण पटौदी ही इसकी देखरेख कर रहे थे। पटौदी के निधन के बाद उनकी बहनें सबीहा और सालेहा इस पर अपना हक जता रही हैं। इस वजह से मामला कानूनी लड़ाई में फंसा है|
भोपाल डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने नवाब के परिवार की भोपाल में स्थित पूरी संपत्ति का ब्योरा तैयार कर लिया है। अब शत्रु संपत्ति दफ्तर यह पता करने की तैयारी कर रहा है कि इस प्रॉपर्टी की मौजूदा स्थिति क्या है और इसका मालिकाना हक किसके पास है? अभी इसका सर्वे कराया जा रहा है|
हमीदुल्ला खां का कोई बेटा नहीं था। बड़ी बेटी आबिदा पाकिस्तान चली गई थीं और सबसे छोटी बेटी राबिया अपने ससुराल चली गई थीं। इसलिए मंझली बेटी साजिदा सुल्तान ही नवाब की वारिस बनीं। साजिदा सुल्तान की शादी पटौदी के नवाब इफ्तिखार अली से हुई थी। उनके एक बेटा और दो बेटियां हुईं। बेटे का नाम मंसूर अली खां पटौदी था। सालेहा सुल्तान और सबीहा सुल्तान उनकी बेटियां थीं, जिनकी शादी हैदराबाद में हुई। मंसूर अली खान पटौदी ने एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर से शादी की। बेटा होने के चलते पूरी जायदाद मंसूर अली खां पटौदी ने संभाली और उनके बाद शर्मिला टैगोर और सैफ अली खान इसे संभाल रहे हैं|
एनिमी प्रॉपर्टी प्रोटेक्शन एंड रजिस्ट्रेशन एक्ट 1968 में बना था।फरवरी 2015 के एक आदेश में केंद्र सरकार ने हमीदुल्ला खां की वारिस सैफ अली खान की दादी साजिदा सुल्तान को नहीं माना बल्कि उनकी बड़ी बहन आबिदा को माना है, जो कि 1950 में पाकिस्तान चली गई थीं।केंद्र सरकार ने आबिदा की प्रॉपर्टी का ब्योरा भी मध्यप्रदेश सरकार से मांगा है एनिमी प्रॉपर्टी अमेंडमेंट ऑर्डिनेंस 2016 के लागू होने और एनिमी सिटीजन की नई परिभाषा के बाद विरासत में मिली ऐसी प्रॉपर्टीज से इंडियन सिटीजंस का मालिकाना हक खत्म हो चुका है। हालांकि इसके बावजूद करीब 50 साल पुराने इस कानून की रक्षा के लिए सरकार ने इसमें अमेंडमेंट का फैसला किया है|