अफजल गुरू की बरसी पर कश्मीर में कर्फ्यू जैसे हालात

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नौ फरवरी को संसद पर हमले में शामिल अफजल गुरु की बरसी पर घाटी में हिंसा की साजिश रची गई है। अलगाववादियों ने बंद का आह्वान किया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि घाटी में अगले तीन दिन तनावपूर्ण होंगे। 10 फरवरी को जुमे के दिन यूएन चलो की कॉल दी गई है|

11 फरवरी को अलगाववादियों ने मकबूल भट की बरसी पर फिर बंद का आह्वान किया है। इन तीन दिनों में दोबारा से पत्थरबाजों को भड़काने की साजिश रची गई है। सुरक्षा एजेंसियों के पास इनपुट हैं कि कश्मीर हिंसा के बाद घाटी में अलगाववादियों के फरमान अवाम की ओर से नजरअंदाज किए जाने से बौखलाईं तंजीमों ने दोबारा से पत्थरबाजी के लिए लोगों को भड़काने की साजिश पर काम करना शुरू किया है|

इसके लिए लंबे समय बाद बंद की कॉल दी गई है। पाकिस्तान में जमात उद दावा प्रमुख हाफिज सईद को नजरबंद किए जाने से भी राष्ट्रविरोधी तत्व तिलमिलाए हुए हैं। कश्मीर हिंसा केदौरान 5826 पत्थरबाज गिरफ्तार किए गए थे। 2671 लोगों को अशांति फैलाने के आरोप में बंद किया गया था|