मुलायम-अखिलेश दोनों ने बुलाई अपने समर्थकों की मीटिंग

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शनिवार को मुलायम सिंह घोषित किए गए 393 कैंडिडेट्स की मीटिंग बुलाई है। इनमें से कई उम्मीदवार वे भी है जो अखिलेश की जारी की गई लिस्ट में भी शामिल हैं। इसमें ये देखना होगा कि मुलायम की मीटिंग में कौन-कौन से कैंडिडेट आते हैं। वहीं, अखिलेश यादव ने भी विधायकों की मीटिंग बुलाई है|मुलायम सिंह शनिवार को सपा पार्लियामेंटरी बोर्ड की मीटिंग भी बुला सकते हैं|

अमर सिंह ने कहा है, ‘रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा। बेटा करेगा राज, बेचारा बाप जंगल को जाएगा।’ बता दें कि शुक्रवार को मुलायम ने अखिलेश और रामगोपाल यादव को 6 साल से लिए पार्टी से निकाल दिया था।
9:00 AM: मुख्‍यमंत्री आवास 5केडी पर वि‍धायक पहुंचने लगे हैं। पार्टी वर्कर्स का बाहर जमावड़ा लगा है। वहीं, सिक्युरिटी बढ़ा दी गई है|
8:45 AM:सीएम आवास में एमएलसी रमेश दुबे,चंद्रा रावत,अभय नारायण पटेल,श्याम बहादुर, सुनील सिंह मौजूद। साजन ने कहा है कि‍ जो लोग सीएम आवास 5 केडी पहुंच रहे हैं वो अखिलेश समर्थक हैं। अखिलेश समर्थक मुलायम की बैठक मे नहीं जाएंगे|
8:40 AM:बीएसपी के सुधींद्र भदौरिया ने कहा, ‘सपा में टूट होने वाली है। पूरी लड़ाई पैसे के चारों ओर घूम रही है। पिछले चार सालों से वे राज्य को लूट रहे हैं|
8:10 AM:सपा के गौरव भाटिया ने कहा, ‘किसी भी तरह की कॉन्स्टिट्यूशनल क्राइसिस नहीं है। ये हम लोगों के लिए कठिन वक्त है। उम्मीद है कि मामला जल्दी हल हो जाएगा|
8:00 AM: इस बीच, ममता बनर्जी ने अखिलेश से बात की और पूरा समर्थन देने को कहा है|
अमर सिंह ने कहा, ‘आज तो कुछ ऐसे लग रहा है- रामचंद्र कह गए सिया से, ऐसा कलयुग आएगा। बेटा करेगा राज, बेचारा बाप जंगल को जाएगा।उनके (मुलायम) विरुद्ध कितने भी बड़े लोग जो कुछ भी काम कर रहे हैं, वो बिल्कुल असंवैधानिक, अनैतिक और गलत है। मैं अपना पूरा समर्थन नेताजी को देता हूं। उनकी अवमानना पार्टी का अनुशासन भंग करने के समान है|’
– इस बीच सपा की स्पोक्सपर्सन जूही सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, ‘जब मेरे सीएम को ही सस्पेंड कर दिया गया है तो मेरी भी कुछ जिम्मेदारी बनती है। मैं नेताजी के खिलाफ नहीं हूं लेकिन हम सीएम अखिलेश के साथ खड़े हैं।’
सपा में टूट के बाद उपजे हालात में कांग्रेस अखिलेश के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है।कांग्रेस ने पहली प्रतिक्रिया में कहा- ‘यूपी में अस्थिरता लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि अगर विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होता है तो उसके विधायक अखिलेश के समर्थन में वोट देंगे।’अखिलेश यादव भी खुले मंच पर कांग्रेस से गठबंधन की बात करते रहे हैं। वे यहां तक कहते रहे कि अगर कांग्रेस से गठबंधन हुआ तो हम 300 से ज्यादा सीटें जीतेंगे।हाल के दिनों में अखिलेश, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और यूपी में कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ कई मैराथन बैठक कर चुके हैं।प्रदेश में हाशिए पर बैठी कांग्रेस को लग रहा है कि अखिलेश की साफ सुथरी इमेज के दम पर यूपी चुनाव में वह अपनी खोई जमीन वापस पा सकती है।अखिलेश के पास पार्टी बनाने का समय नहीं है। ऐसे में वह समाजवादी जनता पार्टी (सजपा) के सिंबल पर चुनाव लड़ सकते हैं|
सजपा के प्रेसिडेंट कमल मुरारका ने अखिलेश यादव को उनकी पार्टी के चुनाव चिन्ह से लड़ने की पेशकश की है।सूत्रों के मुताबिक मुरारका ने कुछ दिन पहले दिल्ली में रामगोपाल से भी मुलाकात की थी। वे दो दिन से लखनऊ में थे।शुक्रवार को 11 बजे अखिलेश से मुलाकात की। कहा कि अखिलेश चाहें तो वे अपनी पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों सौंपने को तैयार हूं। इससे उनके सामने चुनाव आयोग से अलग चिन्ह लेने का झंझट भी नहीं रहेगा। सजपा का गठन पूर्व पीएम चंद्रशेखर ने किया था। चुनाव चिन्ह बरगद का पेड़ है|