जब लोग हिंदू कहने की हिम्मत नहीं करते थे, तब संघ ने कहा कि हिंदू होने में कोई शर्म नहीं, बल्कि गौरव है: अमित शाह

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साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में संघ के संस्थापक व प्रथम सर संघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार व उनके बाद के चार सर संघचालकों माधवराज सदाशिवराव गोलवलकर गुरुजी, बालासाहब देवरस, रज्जू भैया व केसी सुदर्शन के जीवन यात्रा से जुड़ी पुस्तकों का विमोचन करने के लिए आयोजित समारोह में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि जब लोग हिंदू कहने की हिम्मत नहीं करते थे, तब संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने कहा कि हिंदू होने में कोई शर्म नहीं है बल्कि गौरव होता है।

जो सच है, उसे कहना चाहिए यह बात बड़ी ताकत देती है। इसी स्पष्टता व ताकत ने संघ को तमाम झंझावातों के बीच वटवृक्ष के रूप में स्थापित किया।

उन्होंने कहा, डॉ. हेडगेवार अपने लिए नहीं, हमेशा संघ के लिए जिए। यही परंपरा आगे बढ़ी। जब गुरु पूजा का सवाल आया तो उन्होंने खुद की जगह भगवाध्वज को गुरु का सम्मान देकर पूजा करने की व्यवस्था दी।

शाह ने कहा, संकुचित दृष्टि वालों को संघ के साथ भगवा ध्वज में एक धर्म व संप्रदाय जुड़ा दिखता है लेकिन संघ के लिए यह त्याग, बलिदान, संस्कृति और राष्ट्रगौरव का प्रतीक है। संघ में व्यक्ति का व्यवस्था में महत्व नहीं रहा। इसी वजह से अनेक संकट व प्रतिबंध आए लेकिन रास्ता बनता गया और यह संगठन वटवृक्ष बनता गया।