नोएडा-ग्रेटर नोएडा में ‘मौत की इमारतें’ और भी हैं

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ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में एक 6 मंजिला निर्माणाधीन इमारत दूसरी 4 मंजिला इमारत पर गिर गई. इस हादसे में अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. ग्रेटर नोएडा के जिस शाहबेरी इलाके में यह हादसा हुआ वहां यह कोई इकलौती बिल्डिंग नहीं थी, जिसकी नींव कमजोर बताई जा रही है और निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगा है.

शाहबेरी से ही सटे इटैड़ा, खेड़ा चौगानपुर, बिसरख आदि इलाकों में इन दिनों काफी संख्या में धड़ाधड़ अवैध इमारतें बन रही हैं. न तो इनका कोई नक्शा होता है और न ही किसी आर्किटेक्ट आदि की सलाह ली जाती है. ऐसे में इन इमारतों की भूकंप या अन्य कोई प्राकृतिक आपदा सहने की क्षमता का पता ही नहीं चल पाता है. नोएडा में भी यही स्थिति है. यहां भी सर्फाबाद, बहलोलपुर, गढ़ी-चौखंडी जैसे इलाकों में बगैर नक्शे आदि के धड़ाधड़ अवैध इमारतें बन रही हैं. ऐसे में इन इलाकों में भी शाहबेरी जैसी दुर्घटना हो सकती है.

आपको बता दें कि मंगलवार की रात को शाहबेरी में एक 6 मंजिला निर्माणाधीन इमारत दूसरी 4 मंजिला इमारत पर गिर गई थी . इस घटना में अब तकग 3 लोगों की मौत हो गई. बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीम ने इसकी पुष्टि की है. अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. बताया जा रहा है 4 मंजिला इमारत में कुल 18 परिवार रह रहे थे, जिनमें 30 से 32 लोगों के होने की बात कही जा रही है. NDRF की दो टीम मौके पर पहुंच गई और मलबे से लोगों को निकालने के काम में जुटी हैं.

मौके पर भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव कार्य के लिए कई थानों की फोर्स की तैनाती की गई है. जिले के आला अफसर भी मौके पर मौजूद हैं. बिल्डर के ख़िलाफ़ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है. ADM विनीत कुमार ने कहा कि बिल्डर ने सारी अनुमतियां पूरी की थी या नहीं, ये पता करने के लिए रेवेन्यू टीम को लगा दिया गया है. यह कहना मुश्किल है कि ढही इमारत में कितने लोग थे. बचाव कार्य खत्म होने में 24 घंटे से ज़्यादा का वक़्त लग सकता है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं. गौतमबुद्ध नगर के सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं.

source-NDTV