गोंडा के अस्पताल में योगी, गंदगी देख बोले शायद इसी कारण गोंडा देश का सबसे गंदा शहर

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बलरामपुर के बाद गोंडा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ को वहां पर गंदगी का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद नगर पालिका के ईओ बलवीर सिंह से पूछा कि यहां रोजाना सफाई नहीं होती है तो वह इधर-उधर झांकने लगे। उन्होंने बरबस ही कह दिया कि शायद इसी कारण गोंडा देश का सबसे गंदा शहर घोषित किया गया।

मुख्यमंत्री हेलीपैड से सीधे जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पांच मिनट ही रुके। इसके बाद उनका काफिला नगर पालिका की ओर रवाना हो गया। अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही उनसे मिलने के लिए एक युवक विशाल अवस्थी वाहन के सामने अचानक पहुंच गया। पुलिसकर्मियों ने उसे खींचकर हटाया। रास्ते में आशाओं ने भी उनका रास्ता रोक लिया। उन्हें ज्ञापन सौंपा। पुलिस ने आनन-फानन में रास्ता खाली कराया।

इसके बाद वह नगर पालिका पहुंचे। उन्होंने ईओ से पूछा कि यहां रोज सफाई नहीं होती। इस पर ईओ चुप हो गए। दो मिनट तक उन्होंने परिसर का जायजा लिया। इसके बाद वह सर्किट हाउस के लिए निकल गए। इस दौरान पूरे शहर में कफ्र्यू जैसा माहौल रहा।

दरअसल हालिया स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में प्रदेश के गोंडा जिले को देश के 434 शहरों में सबसे अस्वच्छ शहर का दर्जा दिया गया। इसमें सुधार के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। तय किया गया कि सर्वेक्षण में प्रदेश के जो 52 जिले बेहद अस्वच्छ श्रेणी में रखे गए हैं। उसमें बदलाव लाने की जरूरत है। चार मई को केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने जनता की रायशुमारी से किए गए स्वच्छ सर्वेक्षण 2017 में सबसे साफ 25 शहरों की सूची जारी करते हुए बताया कि कुल 434 शहरों में यह सर्वेक्षण किया गया था। सर्वेक्षण के परिणाम घोषित करते हुए वेंकैया नायडू ने बताया कि 434 शहरों की रैंकिंग में गोंडा के बाद दूसरा सबसे अस्वच्छ शहर महाराष्ट्र का भुसावल है।