रक्षाबंधन का समय केवल तीन घंटे 22 मिनट का

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रक्षाबंधन का पर्व सात अगस्त को मनाया जाएगा लेकिन बहनों के पास सिर्फ तीन घंटे 22 मिनट ही होंगे, वह सुबह 10.31 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक ही राखी बांध पाएंगी।

इस बार श्रावण पूर्णिमा पर रात 10.53 बजे श्रवण नक्षत्र-मकर राशि पर खंड चंद्रग्रहण लग रहा है जो मध्यरात्रि 12.48 बजे तक बना रहेगा। धर्मशास्त्रीय विधान के अनुसार चंद्रग्रहण में ग्रहण से नौ घंटे पूर्व व सूर्यग्रहण में 12 घंटे पहले तक सूतक होता है। ऐसे में सात अगस्त को दोपहर 1.53 बजे से चंद्रग्रहण का सूतक काल आरंभ हो जाएगा।

इसके अलावा धर्म शास्त्रीय विधान के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि में भद्रा के उपरांत ही रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है और भद्रा सात अगस्त को दिन में 10.30 बजे तक है। ऐसे में भद्रा व चंद्रग्रहण के सूतक से मुक्त अवधि सिर्फ सुबह 10.31 बजे से दोपहर 1.52 बजे तक ही मिलेगी।

ज्योतिषाचार्य पं. ऋषि द्विवेदी के अनुसार भद्रा में रक्षा पर्व और फाल्गुनी दोनो ही वर्जित हैं क्योंकि भद्रा में श्रावणी मनाने से राजा का और फाल्गुनी पर प्रजा का अनिष्ट होता है। वहीं ग्रहण के सूतक काल में सिर्फ भगवद् आराधना ही की जाती है। इस बार श्रावण पूर्णिमा रक्षाबंधन सात अगस्त को पड़ रहा है। पूर्णिमा तिथि छह अगस्त की रात 9.56 बजे लग रही है जो सात अगस्त को रात 11.02 बजे तक रहेगी।