प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक, 13% बढ़ी

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साल 2015-16 के दौरान सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के मुकाबले दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय सर्वाधिक रही जो करीब 2,80,000 रुपये बैठती है| यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है| ताजा जारी किये गये सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है| दिल्ली के बाद इस मामले में दूसरा स्थान चंडीगढ़ का आता है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 2,42,386 रुपये है और तीसरे स्थान पर सिक्किम आता है जिसकी प्रति व्यक्ति आय 2,27,465 रुपये है|

प्रति व्यक्ति आय उस आय को कहा जाता है जब किसी देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (GDP) को जब उस देश की उस वर्ष की मध्यावधि तिथि (1 जुलाई) की जनसंख्या से विभाजित किया जाता है| यह हमें उस देश के निवासियों को प्राप्त होने वाली औसत आय की मौद्रिक जानकारी देता है, अर्थात यह बताता है कि उस देश में उत्पन्न होने वाली धनराशि को यदि बांटा जाए तो सबके भाग में कितना पहुंचेगा| इसका उपयोग किसी देश के भीतर भी विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, नगरों या राज्यों इत्यादि के जीवन स्तर का अनुमान लगाने के लिए भी किया जाता है|

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जारी किये गये सांख्यिकीय हैंडबुक दर्शाते हैं कि दिल्ली का मौजूदा आंकड़ा करीब 28,000 रुपये अथवा 13 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है जो प्रति व्यक्ति आय पिछले वर्ष 2,52,011 रुपये थी|

सिसोदिया द्वारा जारी किये गये दिल्ली सांख्यिकी हैंडबुक 2016 में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में करीब चार करोड़ मोबाइल फोन हैं| ताजा सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है| इस हिसाब में राजधानी में प्रति व्यक्ति दो मोबाइल फोन हैं| दिसंबर 2015 में दिल्ली में मोबाइल फोन की संख्या 4.59 करोड़ थी|जो दिसंबर 2014 में 4.54 करोड़ थी| वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार दिल्ली में करीब 1.7 करोड़ की आबादी है| इसके अलावा लैंडलाइन फोन के ग्राहकों की संख्या भी दिसंबर 2014 के 31.23 लाख से बढ़कर दिसंबर 2015 में 31.57 लाख हो गयी है| हैंडबुक के अनुसार कुल फोनधारकों की संख्या 5,10,37,816 है|