हिमालय में सुसुप्तावस्था में पड़ी भूकंप पट्टियां सक्रिय, आ सकता है 9 की तीव्रता वाला भूकंप

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16 दिसंबर को सेंस फ्रांसिस्को अमेरिका में हुई जियो फिजिकल यूनियन की कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि हिमालयी क्षेत्र में रिक्टर स्केल पर 9 की तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है|

रुद्रप्रयाग में आए भूकंप से हिमालयन फ्रंटल थ्रस्ट (एचएफटी) ने आने वाले समय के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। इंडियन प्लेट यूरेशियन प्लेट के जितने नीचे धंसती जाएगी हिमालयी क्षेत्र में भूकंप के झटके तेज होते जाएंगे। यहां भूगर्भ में भर रही ऊर्जा नए भूकंप जोन भी सक्रिय कर सकती है और इसकी संवेदनशीलता भी बढ़ सकती है|

स्थिति को भांपकर वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान ने हिमालयी क्षेत्र में भूकंप की तरंगे मापने वाले 10 ब्रॉड बैंड सीइसमोग्राफ संयंत्र लगा दिए हैं। इंडियन और यूरेशियन प्लेट में चल रही टकराहट से हिमालयी पट्टी (एचएफटी) में बड़े पैमाने पर ऊर्जा भर रही है। यह दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नीचे ऊर्जा का दबाव बढ़ने पर हजारों सालों से हिमालयी क्षेत्र में सुसुप्तावस्था में पड़ी भूकंप पट्टियां सक्रिय हो गई हैं। ये कभी ऊर्जा के बाहर निकलने का रास्ता बन सकती हैं जिसकी वजह से लोगों को और तेज झटके लगेंगे। इसके साथ ही बड़े भूकंप की शक्ल में ऊर्जा बाहर निकल सकती है|

वर्ष 1950 में असम के बाद रिक्टर स्केल पर 8 से अधिक तीव्रता वाला कोई बड़ा भूकंप नहीं आया है। विज्ञानियों का मानना है कि चूंकि हिमालयी भूगर्भ में ऊर्जा भरने का सिलसिला लगातार जारी है। इससे भूकंप के खतरे अप्रत्याशित रूप से और बढ़ सकते हैं। इससे नए संवेदनशील जोन बनेंगे। अमूमन भूकंप आने के बाद भूकंप की संवेदनशीलता तय की जाती है। अभी उत्तराखंड चार और पांच सीइसमिक जोन में आता है, लेकिन हालात इसमें बदलाव कर सकते हैं|