कानपुर में पुलिस ने चौकी में कराई प्रेमी जोड़े की शादी, चौकी इंचार्ज ने कन्यादान किया

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कानपुर में छह वर्ष से परिवार की बगावत झेल रहे प्रेमी जोड़े की पुलिस ने चौकी में ही शादी करा दी, लड़की के परिवारीजन नहीं आए तो वहां बेनाझाबर पुलिस चौकी के दारोगा ने पिता के रूप में कन्यादान किया, जबकि वहां से सभी सिपाही घराती की भूमिका में थे।

आर्यनगर धर्मशाला के पास रहने वाली बीए की छात्र अंकिता का पड़ोस के युवक सूरज पुत्र भैरोंप्रसाद से छह वर्ष से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़की के घर वालों को पता लगा तो उन्होंने बेटी के निकलने पर पाबंदी लगा दी। बीस जून को युवती एडमिशन कराने के बहाने घर से निकली और सूरज के साथ मैनपुरी उसके दोस्त के घर चली गई। वहां उन्होंने आर्य समाज मंदिर में शादी भी कर ली।

इसके बाद युवती के पिता ने तत्काल स्वरूपनगर थाने में सूरज के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सूरज के परिवार के लोगों से पूछताछ की। करीब सप्ताह भर पहले अंकिता ने चौकी इंचार्ज रामसरन को फोन करके पूरी बात बताई और कहा कि वह सूरज के साथ रहना चाहती है। इस पर चौकी इंचार्ज ने दोनों परिवारों से बात की।

लड़की के परिवार के लोग शादी के लिए तैयार नहीं हुए। कल सुबह प्रेमी जोड़े ने चौकी पर आकर सुरक्षा मांगी। सबके सामने चौकी में ही शादी करने की बात रखी। इसके बाद दारोगा की हां पर बैंड-बाजे के साथ चौकी में ही बरात आई। जिसमें लड़के के परिवार व मोहल्ले के तमाम लोग थे। मगर, लड़की पक्ष से कोई नहीं आया।

चौकी के बाहर भीड़ जुट गई। आते-जाते लोगों को पता लगा तो वह भी रुककर इस अनोखी शादी को देखने लगे। यहां पर चौकी इंचार्ज ने कन्यादान किया, वधू ने वर को वरमाला पहनाई और यहीं से विदाई हुई।

दुल्हन अंकिता की उम्र 19 साल है। उसने बताया कि वह कानपुर विद्या मंदिर कॉलेज से बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर चुकी है। वहीं, दूल्हे सूरज ने बताया कि वह 10वीं पास है। अब इलेक्ट्रीशियन का काम करता है। पांच भाइयों में सूरज तीसरे नंबर का है। वहीं अंकिता के परिवार में छोटे भाई बहन हैं।

अंकिता और सूरज की शादी कराने से पहले पुलिस ने अंकिता के बयान भी दर्ज किए। उसने अपनी मर्जी से घर छोड़कर सूरज के साथ जाने और अब उसी के साथ रहने की बात कही। चौकी इंचार्ज रामसरन ने बताया कि दोनों ने लिखित प्रार्थना पत्र दिया है। उसे रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।