आज से योगी की विलंबित भुगतान अधिभार एमनेस्टी योजना लागू

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजना विलंबित भुगतान अधिभार एमनेस्टी योजना आज से लागू हो जाएगी। इस योजना से विद्युत उपभोक्ताओं के 31 मार्च, 2017 तक के बकायों पर सरचार्ज को माफ किया जाएगा। बकायेदारों को सिर्फ बिजली का मूल बकाया ही अदा करना होगा। योजना का लाभ शहरी व ग्रामीण इलाकों के घरेलू, वाणिज्यिक, निजी नलकूप, निजी संस्थानों तथा लघु व मध्यम श्रेणी के उद्योग प्राप्त कर सकेंगे।

योजना के तहत निजी नलकूप (ग्रामीण) कृषि उपभोक्ताओं को सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट व इसके साथ किस्तों में बकाया भुगतान करने की सुविधा होगी। ग्रामीण व शहरी इलाकों के घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के अलावा शहरी क्षेत्र के निजी संस्थान व निजी नलकूप उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान करने पर सरचार्ज में 100 फीसद छूट दी जाएगी। वहीं, लघु औद्योगिक उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान पर सरचार्ज में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। योजना का लाभ पाने के लिए बकायेदारों को संबंधित विद्युत वितरण खंड कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। कार्यालय दूर होने पर वे उपखंड या मंडल कार्यालय में भी पंजीकरण करा सकेंगे। उपभोक्ताओं के पंजीकरण कराने के बाद अधिकतम सात दिन में उन्हें संशोधित बिल उपलब्ध कराया जाएगा। जिन बकायेदारों के बिजली कनेक्शन स्थायी तौर पर काट दिए गए हों या जिनके खिलाफ सेक्शन-3 व 5 की नोटिस जारी हुई हो, उनके मामले भी योजना में शामिल किए जाएंगे।

निजी नलकूप (ग्रामीण) कृषि उपभोक्ताओं के लिए सरचार्ज में 100 प्रतिशत छूट के साथ बकाये की राशि किस्तों में अदा करने की सुविधा दी जा रही है। उन्हें पहली किस्त के तौर पर बकाया धनराशि का 25 फीसद या 1000 रुपये जो भी अधिक 15 जून से पहले जमा करना होगा। शेष बकाये को वह तीन समान किस्तों में दो-दो महीने के अंतराल पर अदा कर सकेंगे। दूसरी किस्त को 15 अगस्त, तीसरी को 15 अक्टूबर और चौथी को 15 दिसंबर से पहले जमा करना होगा।

शहरी इलाके के घरेलू, वाणिज्यिक तथा निजी संस्थान व निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 31 मई तक,-ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू, वाणिज्यिक व निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 15 जून तक और लघु व मध्यम औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 15 मई तक पंजीकरण की अवधि निधारित की गयी है|

घरेलू, वाणिज्यिक व निजी नलकूप श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 1000 रुपये, निजी संस्थान तथा लघु व मध्यम औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए 5000 रुपये और यह धनराशि बिल के सापेक्ष भुगतान में समायोजित होगी।