बीएसपी कोई मंच तभी साझा करेगी, जब पहले गठजोड़ वाली पार्टियों की सीटें तय हो: मायावती

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पटना की रैली में बीएसपी को शामिल होने की बात पर मायावती ने कहा, इस फ्रंट में शामिल होने का न्योता उन्हें भी मिला था। उन्होंने कहा, इसको लेकर बीएसपी ने कहा कि वो अपने आप में सेक्यूलर पार्टी है।

मायावती ने कहा, बीजेपी एंड कंपनी बीएसपी के मिशन को कमजोर नहीं कर सकती है।

मायावती ने कहा, “अगर रैली सफल हो भी गई तो बाद में इन सेकुलर पार्टियों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर घमासान होगा। इसी विश्वासघात का फायदा बीजेपी को मिल सकता है। बीएसपी इसके खिलाफ नहीं है, लेकिन इसमें पूरी ईमानदारी की जरुरत है। बिहार में हुआ पिछला गठबंधन यहीं दिखाता है।बसपा इससे सबक ले चुकी है और ठोस रणनीति के साथ फैसला लेंगे।”

मायावती ने कहा,”बीएसपी क्षेत्रीय और राष्ट्रीय पार्टी के साथ कोई मंच तभी साझा करेगी, जब तय हो जाए की गठजोड़ वाली पार्टियों को कितनी सीटें मिलेंगी।गठबंधन का बनना बिगड़ना सीटों के बंटवारे पर ही तय होता है। यह इसलिए भी जरूरी है कि तब अंतिम समय में टिकटों के लिए मची मारामारी से बचा जा सकता है। बसपा कभी सम्मानजनक सीटों के साथ समझौता नहीं कर सकती। वर्तमान में बीजेपी अन्य राज्यों में भी आना चाहती है। वह सेक्यूलर पार्टियों को बदनाम करने के लिए गलत तरह से इस्तेमाल कर रही है। विपक्ष को ठोस रणनीति बनानी होगी, जिससे जनता का विश्वास हासिल किया जा सके।गठबंधन में सीटों का बंटवारा जरूरी है। गठबंधन बिखरेगा, जिसका फायदा बीजेपी को मिलेगा।

मायावती ने कहा,”निजता का अधिकार,मौलिक अधिकार है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का वो स्वागत करती हैं।अब लोग दहशत के बिना आधार और पैन रकह सकते हैं। मोदी सरकार को अब अपना जनविरोधी रवैया बदल लेना चाहिए।”