फिरोजाबाद में इंसानियत शर्मसार, पुलिस ने रिक्शे पर लादी लाश, तीन किलोमीटर तक खून टपकता रहा

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ट्रेन से कटी युवती का शव शिकोहाबाद से फीरोजाबाद तक ट्रेन द्वारा लाया गया, यहां से फिरोजाबाद की जीआरपी पुलिस ने रिक्शे में लाद दिया। नशे में झूमता रिक्शे वाला लाश को लादकर पोस्टमार्टम की ओर चल दिया। रिक्शे में लदी लाश के सिर से खून टपकता रहा। जिस रास्ते से शव गुजरा, वहां देखकर लोग व्यवस्था को कोसते रहे।

इटावा के ऊसराहार थाना क्षेत्र अंतर्गत नगला छजू निवासी 24 वर्षीय पूनम पुत्री ब्रजपाल सिंह शिकोहाबाद में अपनी बहन के यहां रहती थी। किसी बात से क्षुब्ध होकर उसने शनिवार रात करीब आठ बजे स्टेशन के नजदीक राजधानी एक्सप्रेस के आगे कूद आत्महत्या कर ली थी। उसका सिर धड़ से अलग हो गया था। रिपोर्टिंग जीआरपी चौकी द्वारा फीरोजाबाद जीआरपी को मामला से अवगत कराया।

ट्रेन द्वारा शव को फीरोजाबाद स्टेशन पर भेजा गया। रविवार दोपहर जीआरपी फीरोजाबाद ने शव को पोस्टमार्टम कक्ष भिजवाया। शव को एंबुलेंस के बजाय रिक्शे से भेजा गया। जिस रिक्शे से शव यहां लाया गया था, चालक ने शव को लिटाकर रस्सी से बांध रखा था। सिर एवं पैर वाला हिस्सा नीचे लटक रहा था।

जिस रास्ते से शव गुजरा, वहां उसका खून टपक रहा था। पुलिस एवं रिक्शे वाले ने शव के कटे हुए हिस्से को पन्नी आदि से तक नहीं बांधा, ताकि खून न बहे। स्टेशन से मोर्चरी कक्ष तक करीब तीन किलोमीटर तक खून टपकता रहा। बेकदरी से शव को ले जाते देख हर कोई चौंक उठा, लेकिन कोई कुछ नहीं कह सका। सिर्फ व्यवस्था पर मन मसोस कर रह गया।

इस संबंध में जीआरपी एसओ रूपेश कुमार वर्मा का कहना है कि हम अपने खर्चे से अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार कराते हैं। हमारे पास शव को एंबुलेंस से भेजने की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए रिक्शे से शव भेजे जाते हैं।