टीम इंडिया के सामने 229 रन का लक्ष्य

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11वें महिला विश्वकप के फाइनल मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड ने टीम इंडिया के सामने रखा 229 रन का लक्ष्य रखा है,

दोनों टीमों ने सेमीफाइनल की टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। हालांकि बारिश की संभावना मैच की दूसरी पारी के दौरान की जा रही है। ऐसे में रनों का पीछा करते समय टीम इंडिया को डकवर्थ लुईस नियम का ख्याल रखना होगा।

इंग्लैंड के लिए पारी की शुरुआत लॉरेन विनफील्ड और टैमी बीमोंट की जोड़ी ने की। पहले विकेट के लिए दोनों ने 11 ओवर में 47 रन जोड़े। 12वें ओवर की पहली गेंद पर विनफील्ड गायकवाड़ की गेंद पर गच्चा खाकर बोल्ड हो गईंं। उन्होंने 24 रन बनाए। भारतीय टीम को दूसरी सफलता के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। 15वें ओवर में पूनम यादव की गेंद पर बीमोंट लॉफ्टेड शॉट खेलने की कोशिश में बाउंड्री पर झूलन गोस्वामी को कैैच दे बैठीं। बीमोंट ने 23 रन बनाए। दो विकेट जल्दी-जल्दी गंवाने के बाद बल्लेबाजी के लिए आई इंग्लैंड की कप्तान हीदर नाइट ज्यादा देर तक मैदान पर नहीं रह सकीं। 17वें ओवर की पहली गेंद पर पूनम यादव ने उन्हें एलबीडब्ल्यू कर पवेलियन वापस भेज दिया। हालांकि फील्ड अंपायर ने उन्हें नॉटआउट करार दिया था लेकिन रिव्यू में तीसरे अंपायर ने उन्हें पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। वह 7 गेंद में केवल 1 रन बना सकीं।

इंग्लैंड को शुरुआती झटकों से उबारने में जुटी सारा टेलर और स्कीवर की जोड़ी ने चौथे विकेट के लिए 83 रन जोड़े। 33वें ओवर में कप्तान मिताली ने एक बार फिर झूलन गोस्वामी के हाथों में गेंद सौंपी। झूलन ने कप्तान को निराश नहीं किया और टीम इंडिया को ओवर की चौथी और पांचवीं गेंद पर दोहरी सफलता दिला दी। पहले सारा टेलर को विकेट कीपर सुषमा के हाथों कैच कराकर चौथे विकेट की साझेदारी को तोड़ा। इसके बाद अगली गेंद पर शानदार यॉर्कर पर फ्रैन विल्सन को पहली ही गेंद पर खाता खोले बगैर पवेलियन भेज दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने मैच में शानदार वापसी की। सारा टेलर अर्धशतक से चूक गईं। टेलर ने 62 गेंद में 45 रन बनाए। झूलन ने अपनी गेंदों से कहर बरपाना इसके बाद भी जारी रहा। अपने 9वें ओवर की पहली गेंद पर उन्होंने अर्धशतक जड़ने वाली स्कीवर को बड़ी पारी खेलने से रोक दिया। स्कीवर 51 रन बनाने के बाद झूलन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गईं। इंग्लैंड को बड़े स्कोर की तरफ पहुंचाने की कोशिश कर रही कैथरीन ब्रंट 46वें ओवर की आखिरी गेंद पर दीप्ति शर्मा के शानदार डायरेक्ट थ्रो पर रन आउट हो गईं। ब्रंट ने 34 रन बनाए। खबर लिखे जाने तक इंग्लैंड ने 48 ओवर में 7 विकेट पर 215 रन बना लिए हैं। जेनी गन 18 और लौरा मार्श 8 रन बनाकर खेल रही हैं।

झूलन गोस्वामी टीम इंडिया की तरफ से सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 10 ओवर में 23 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। झूलन ने सारा टेलर, नताली स्कीवर और फ्रैन विल्सन का को आउट कर इंग्लैंड के मध्यम क्रम की कमर तोड़ दी और टीम इंडिया की मैच में वापसी करा दी। उनके अलावा पूनम यादव ने 29 रन पर 2 विकेट और राजेश्वरी गायकवाड़ ने 33 रन पर 1 विकेट हासिल किया।

पारी के नवें ओवर की तीसरी गेंद पर अंपायर ने झूलन गोस्वामी की गेंद पर विनफील्ड को एलबीडब्ल्यू करार दिया लेकिन गेंद बाहर जा रही थी। विनफील्ड ने डीआरएस का उपयोग किया जिसके बाद रिव्यू में तीसरे अंपायर ने उन्हें नॉट आउट करार दिया। गेंद लेग स्टंप से बाहर जा रही थी।

इंग्लैंड – लॉरेन विनफील्ड, टैमी बीयूमोंट, हीथर नाइट (कप्तान), साराह टेलर (विकेटकीपर), नटाली सीवर, फ्रेन विलसन, कैथरिन ब्रंट, जेनी गन, एनी श्रबसोल, एलेक्स हार्टले, लौरा मार्श।

भारत – पूनम राउत, स्मृति मंधाना, मिताली राज (कप्तान), हरमनप्रीत कौर, दीप्ति शर्मा, वेदा कृष्णमूर्ति, शिखा पांडे, सुषमा वर्मा (विकेटकीपर), झूलन गोस्वामी, राजेश्वरी गायकवाड़, पूनम यादव।