स्वामी अग्निवेश ने सीसीटीवी वीडियो से हमलावरों की पहचान कराने की मांग की, सीएम ने हमले की जांच के आदेश दिए

21
SHARE

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश ने सीसीटीवी फुटेज और मीडिया में उपलब्ध वीडियो के जरिए उनपर हमला करने वाले हमलावरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने स्वामी पर हुए हमले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए इसकी जांच संथाल परगना के मंडलायुक्त और डीआईजी से कराने के निर्देश दिए हैं।

स्वामी अग्निवेश पर मंगलवार को रांची के पाकुड़ के भीड़-भाड़ वाले इलाके में हमला हुआ था, हमलावरों ने उनके खिलाफ नारेबाजी की और बीच सड़क पर उन्हें बुरी तरह पीटा। इस दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और हमलावर धमकाते और गालियां देते रहे। इस हमले में उन्हें अंदरूनी चोटें भी आई हैं।

स्वामी अग्निवेश ने कहा है कि पाकुड़ में आदिवासियों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। वो जिस होटल में रुके थे उसके बाहर भारतीय जनता युवा मोर्चा और एबीवीपी के लोग प्रदर्शन कर रहे थे, इस पर उन्होंने बैठ कर बात करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन होटल के बाहर ही उन्हें दबोच लिया गया और उनकी पिटाई की गई।

स्वामी अग्निवेश के समर्थकों का सीधा आरोप है कि हमलावर भाजपा से जुड़े लोग थे लेकिन बीजेपी के पाकुड़ जिला अध्यक्ष प्रसन्ना मिश्रा ने इस बात से इनकार किया है कि हमलावर उनकी पार्टी से जुड़े लोग हैं। उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि स्वामी अग्निवेश ईसाई मिशनरियों के एजेंट हैं और आदिवासियों को गुमराह करने आए थे, बीजेपी समर्थक लोकतांत्रिक तरीके से इसका विरोध कर रहे थे, हमले से उनका कोई संबंध नहीं।

बताते चलें कि कोलकाता से कानून और बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई कर चुके स्वामी अग्निवेश ने साल 1981 में बंधुआ मुक्ति मोर्चा की स्थापना की थी। वह राजनीति में भी सक्रिय रहे और हरियाणा सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। मजदूरों पर लाठी चार्ज की एक घटना के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली थी। उन पर हमले की कई घटनाएं हो चुकी हैं।