सुरक्षा पर आई बात तो करेंगे परमाणु हथियार का इस्तेमाल: बिक्रम सिंह

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पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक पाकिस्तान पर काफी मजबूत चोट थी। ये भारतीय सेना का बेहतरीन प्रयास था। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाई चलती रहती है। वैसे जो छोटी-छोटी घटनाएं होती हैं वो एलओसी पर होती हैं, सरहद पर नहीं। इससे युद्ध होने की कोई आशंका नहीं है।

पाक सेना लोकतांत्रिक बने तभी दोस्ती संभव

शनिवार को लखनऊ में ‘हिन्दुस्तान शिखर समागम-2016’ में पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह सवालों का जवाब दे रहे थे। उनका कहना है कि सरकार के सहयोग से आर्मी का मनोबल बढ़ता है। पाकिस्तान को लेकर नरेन्द्र मोदी या मनमोहन सिंह में किसका नजरिया साफ रहा है, इस पर उन्होंने कहा कि मैं तुलना नहीं कर सकता। मैं दोनों को सलाम करता हूँ। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक तौर पर कई बार प्रयास किये गए हैं। जब तक पाक सेना एक लोकतान्त्रिक सेना नहीं बन जाती तब तक ऐसा संभव नहीं है।

सेना देती है मुंहतोड़ जवाब

सर्जिकल स्ट्राइक की घोषणा जनता के लिए करने के बाबत उन्होंने कहा कि इससे पाक को पता चला कि अब हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। बहुत हो गया। सेना एलओसी पर हाथ पर हाथ रख कर नहीं बैठती। वह मुंहतोड़ जवाब देती है। सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाबत पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि यह एक हथियार है, जब दुश्मन हमें न देख रहा हो तब उस पर हमला करना। यह एक रणनीति होती है। इसमें प्रधानमंत्री की भूमिका के संबंध में उन्होंने कहा कि एलओसी पर फोर्स का इस्तेमाल करने का हक सेना का है, लेकिन उसके आगे की कार्रवाई के लिए प्रधानमंत्री को निर्णय लेने होते हैं। पीओके जब भारत का हिस्सा है तो उस पर की गयी कार्रवाई को उस पार क्यों कहा गया? इस सवाल पर उन्होंरने कहा कि सीमा हमारी एलओसी तक को कहा जा सकता है|