सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्‍ट के फैसले को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर जल्‍द सुनवाई से इनकार किया

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एससी/एसटी ऑर्गनाइजेशन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर कोर्ट के पिछले आदेश पर 20 मार्च तक रोक लगाने की मांग की और यह मामला पांच जजों की संविधान पीठ में भेजने की मांग की. इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने इस मामले में जल्‍द सुनवाई की मांग भी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग से ये कहकर इनकार कर दिया की मामला जब लिस्ट होगा तभी सुनवाई होगी.

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से देशभर में धरना प्रदर्शन चल रहा है और कई लोगों की मौत भी हो चुकी है. वहीं लोकसभा को सोमवार को सूचित किया गया कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) अत्याचार रोकथाम अधिनियम को कमजोर करने के आदेश को लेकर एक समीक्षा याचिका दाखिल की है. निचले सदन में हंगामे व विरोध प्रदर्शन के बीच कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि एससी/एसटी अधिनियम महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिस पर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान चर्चा चाहता है. संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सदन को सूचित किया कि सरकार ने एक समीक्षा याचिका दायर की है.

वहीं भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल जिले के कई स्थानों पर भड़की हिंसा से हालात बिगड़ने के कारण कई स्थान पर कर्फ्यू लगा दिया गया है. मुरैना में गोली लगने से एक युवक की मौत होने की सूचना मिली है और यूपी के मेरठ में भी एक शख्‍स की मौत हो गई है.

एससी, एसटी (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति) अधिनियम का दुरुपयोग रोकने के लिए हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के विरोध में विभिन्न संगठनों ने एक दिवसीय भारत बंद का आह्वान किया था जिसका मध्य प्रदेश में भी व्यापक असर नजर आ रहा है.