अपराधी और उनके संरक्षणदाता दोनों पर सख्त कार्रवाई, अपराधी से पुलिसकर्मी का संबंध तो बर्खास्त : योगी

12
SHARE

मुख्यमंत्री ने चित्रकूटधाम और कानपुर मंडल की समीक्षा में कहा अपराधी और उनके संरक्षणदाता दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाए। अगर किसी अपराधी से पुलिसकर्मी का संबंध साबित हो तो उसे निलंबित करने के बजाय बर्खास्त करें। अपहरण को उद्योग का रूप न लेने दें। अपराधियों, भू माफिया, खनन माफिया और उनके संरक्षणदाताओं को चिन्हित कर उन्हें जेल भेजें। उन्होंने मथुरा के लूटकांड का भी जिक्र किया।

कानपुर के अधिकांश अधिकारी बदल चुके हैं। नए अधिकारियों को तल्ख तेवर दिखाने के बजाय उन्होंने कहा कि अफसर कानून व्यवस्था सुधारने के लिए किसी के दबाव में न आएं। स्वतंत्र और निष्पक्ष होकर कार्य करें। कोई भी घटना हो, उच्चाधिकारी भी मौके पर जाएं। सीमा विवाद में पुलिसकर्मी कतई न उलझें। हां, इतना जरूर कहा कि अपराध नियंत्रित न हुआ तो कार्रवाई होगी। सांप्रदायिक माहौल बिगाडऩे, गौ रक्षा के नाम पर गुंडई करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का आदेश भी दिया। महिलाओं की सुरक्षा के लिए नारी सुरक्षा बल का गठन करने और स्कूल, पार्क आदि स्थलों पर निरंतर चेकिंग के लिए कहा। पुलिस पर जनता का विश्वास बढ़े इसके लिए जो भी उपाय हों, किए जाएं। एडीजी अविनाश चंद्रा से कहा कि पुलिसकर्मियों की गश्त को सुनिश्चित करें।

बुंदेलखंड की सूखी धरा पर योगी के कदम रखते ही उम्मीदों की फसल लहलहा उठी। उन्होंने सख्त संदेश दिया कि न तो कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त होगी और न ही विकास कार्यों से पीछे हटना मंजूर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया। पुलिस को निर्देश दिए कि बिना किसी भेदभाव के अपराधियों पर लगाम कसें। स्पष्ट लहजे में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर गुंडा टैक्स की वसूली नहीं होनी चाहिए। भाजपा पदाधिकारियों को विश्वास दिलाया कि बुंदेलखंड का विकास सरकार की प्राथमिकता में है। इसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बुंदेलखंड में एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया जाएगा। जिससे यह क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में शामिल हो सके। योगी ने दो बार जिला अस्पताल का दौरा किया। पहले सुविधाओं का जायजा लिया, फिर जसपुरा बस हादसे में घायल यात्रियों का हाल चाल लेने पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूटधाम मंडल के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में बुंदेलखंड की पेयजल व कानून व्यवस्था पर गहन मंथन किया। अधिकारियों को निर्देश दिए कि चेकडैम, खेत तालाब योजना को प्राथमिकता से लागू किया जाए ताकि अधिक से अधिक जल संचयन हो सके और आने वाले सालों में बुंदेलखंड को पानी संकट का सामना न करना पड़े। इस कार्य में जन सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। मंडल के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-समय पर चिकित्सालयों का निरीक्षण करते रहें ताकि जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा लाभ मिले।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने की किसी को इजाजत न दी जाए। अपराधियों के खिलाफ जाति-धर्म का भेदभाव किए बगैर कार्रवाई सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक से पूर्व योगी ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने पुरुष वार्ड पहुंचकर मरीजों का हाल चाल लेने के साथ अधिकारियों से सुविधाओं की जानकारी ली। मात्र नौ मिनट के निरीक्षण में उन्होंने पांच मरीजों से बातचीत की, इस दौरान मरीजों ने इलाज से संतुष्ट होने की बात कही। हालांकि एक मरीज ने कहा कि यदि औचक निरीक्षण होता तो बेहतर था। आपके आने से पहले ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं।

जिला अस्पताल में निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपा के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। पदाधिकारियों ने बुंदेलखंड के हालात, नई औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने के साथ पुरानी चालू कराने, पेयजल समस्या व अधिकारियों के बर्ताव आदि मुद्दे उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता सरकार और अधिकारियों के साथ समन्वय बना कर जरूरतमंदों तक लाभ पहुंचाएं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही बुंदेलखंड का विकास होगा।