मौत के बाद आई स्टीफन हॉकिंग की आखिरी थ्योरी

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दुनिया के मशहूर वैज्ञानिक प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking) की मौत इसी साल 14 मार्च में हुई थी. डेढ़ महीने के बाद 2 मई को कैमब्रिज ने उनकी नई थ्योरी को रिलीज किया है. उन्होंने ये थ्योरी मौत के 10 दिन पहले ही खत्म की थी. इस थ्योरी के जरिए उन्होंने अपनी पुरानी थ्योरी को गलत बताया है. इस थ्योरी में बताया गया है कि ब्रह्मांड का कोई और छोर भी हो सकता है. वहीं उनकी पिछली थ्योरी में बताया गया था कि ब्रह्मांड अनंत है. उनकी नई थ्योरी को जर्नल ऑफ हाई एनर्जी फिजिक्स में पब्लिश किया गया है. हॉकिंग की पुरानी थ्योरी में संदेह पैदा हुआ था कि बिग बैंग के बाद एक नहीं बल्कि कई ब्रह्मांडों का निर्माण किया गया होगा.

अब हॉकिंग की नई थ्योरी में कहा गया है कि अंतरिक्ष में ऐसी जगह होगी जहां धरती जैसा कोई सौरमंडल हो सकता है. हो सकता है वहां डायनासोर हों, इंसान शिकार करते हों. ये कहना मुश्किल है कि वो बिलकुल धरती जैसा होगा. लेकिन वहां की जिंदगी मिलती-जुलती हो सकती है. साथ ही हॉकिंग ने अपनी पिछली थ्योरी को गलत बताते हुए लिखा है- ”बिग बैंग से पहले क्या था? ये कोई नहीं बता सकता. अगर कोई दावा कर रहा है तो वो झूठ है. मैनें भी ऐसा दावा किया था, जो इस स्टडी में गलत साबित हुआ.”

क्या है बिग-बैंग थ्योरी?
इस थ्योरी में बताने की कोशिश की गई थी कि यह ब्रह्मांड कब और कैसे बना? साइंटिस्ट स्टीफन हॉकिंग ने इस थ्योरी को समझाया था. इस थ्योरी के अनुसार करीब 15 अरब साल पहले पूरे भौतिक तत्व और ऊर्जा एक बिंदु में सिमटी हुए थे. फिर इस बिंदु ने फैलना शुरू किया. बिग बैंग, बम विस्फोट जैसा विस्फोट नहीं था बल्कि इसमें, प्रारंभिक ब्रह्मांड के कण, समूचे अंतरिक्ष में फैल गए और एक दूसरे से दूर भागने लगे.

बीबीसी न्यूज की खबर के मुताबिक 1980 में अमेरिकी भौतिकशास्त्री जेम्स हार्टल के साथ मिलकर हॉकिंग ने ब्रह्मांड की शुरूआत को लेकर एक नया विचार दिया था. इस विचार ने महान भौतिकशास्त्री आइंस्टीन की थ्योरी से अलग एक थ्योरी दी थी.

source-NDTV