कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा का पेपर आउट, जांच के आदेश

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दिल्ली मुख्यालय ने एसएससी की परीक्षा का पर्चा लीक होने के मामले मेंजांच के निर्देश दिए हैं। इलाहाबाद में क्षेत्रीय निदेशक राहुल सचान ने बताया कि हमारे पास भी कई शिकायतें आई हैं लेकिन, अधिकृत तौर पर यह कह पाना मुश्किल है कि पर्चा आउट हुआ अथवा नहीं। पर्चा दिल्ली से ट्रेजरी के जरिए सीधे सेंटर पर भेजा जाता है। इलाहाबाद क्षेत्रीय कार्यालय इसे नहीं भेजता। उन्होंने कहा कि आंसर की सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। कई तरह की अफवाहें भी हैं। इसलिए अभी यह कह पाना मुश्किल है कि पर्चा लीक हुआ है अथवा नहीं। यह जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा।

एसएससी की नॉन टेक्निकल ग्रेड की परीक्षा के लिए आगरा में 38 केंद्र बनाए गए थे। यहां 41 हजार अभ्यर्थियों को दो पाली में परीक्षा देनी थी। पहली पाली की परीक्षा 10 से 12 बजे तक थी। इससे कुछ देर पहले ही न्यू आगरा पुलिस को पेपर आउट होने की जानकारी मिली। पुलिस ने सुबह 10.10 बजे दयालबाग क्षेत्र से एटा के मिरहची निवासी लोकेंद्र सिंह को दबोचकर उसके मोबाइल की जांच की तो वाट्सएप पर एसएससी का पेपर नजर आया। इसे सुबह 9.08 बजे भेजा गया था। सभी प्रश्नों के जवाब भी साथ में थे। लोकेंद्र ने बताया कि मोबाइल उसके मिरहची निवासी साले पुष्पेंद्र का है। वह बैप्टिस्ट हायर सेकेंड्री स्कूल साईं की तकिया में एसएससी की परीक्षा देने गया है।

पुष्पेंद्र पहली पाली का पेपर देकर बाहर निकला तो उसे हिरासत में ले लिया गया। उसके पास से प्रश्न पत्र और एक उत्तर लिखी पर्ची मिली। यह प्रश्न और उत्तर वाली पर्ची उसके वाट्सएप पर भेजे गए पेपर से मैच कर रहे थे। पुलिस ने सख्ती की, तो पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया। पुष्पेंद्र ने बताया कि उसके जीजा लोकेंद्र ने कैंट निवासी मुकेश से पेपर आउट कराने का सौदा पांच लाख में किया था। तय हुआ था कि परीक्षा से एक घंटे पहले प्रश्न पत्र और उत्तर वाट्स एप पर भेज दिए जाएंगे। दोनों पाली की परीक्षा होने के बाद बाद मुकेश वाट्सएप पर ही रुपये देने के लिए जगह बताता। इससे पहले ही मामला खुल गया। इंस्पेक्टर न्यू आगरा नरेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को सरगना की जानकारी नहीं है। फिर भी गिरोह और सरगना की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

source-DJ