शिवपाल यादव अखिलेश यादव से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे

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समाजवादी पार्टी में कई दिनों से जारी हलचल के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल रहा है| आज शिवपाल यादव अखिलेश यादव से मिलने मुख्यमंत्री आवास पहुंचे| जल्द ही दोनों मुलायम सिंह यादव से मिलने जाएंगे|

इससे पहले देर रात तक मुलायम सिंह यादव के घर बैठक चलती रही| शिवपाल और अमर सिंह की मौजूदगी में घंटों चली बैठक में भी सुलह का कोई फॉर्मुला तय नहीं हो सका| इधर, आज़म खान भी लगातार दोनों गुटों के बीच सुलह की कोशिश में जुटे हैं|गुरुवार को अखिलेश से बातचीत के बाद आज़म ने कहा कि अखिलेश का रुख पॉजिटिव है, उम्मीद है उन्हें उनकी कोशिशों में कामयाबी मिलेगी|

इससे पहले सूत्रों के हवाले से खबर थी कि शिवपाल यादव राज्य की राजनीति और अपनी सीट (जसवंत नगर) छोड़ने को तैयार हो गए हैं| साथ ही अमर सिंह भी पार्टी की कलह सुलझाने के लिए पार्टी छोड़ने को तैयार हैं, लेकिन मुलायम सिंह यादव अध्यक्ष पद को लेकर अब भी अड़े हैं| इधर अखिलेश यादव ने पार्टी विधायकों, नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस कलह से दूर अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में जाकर फौरन चुनाव प्रचार में जुटने को कहा है|

उधर, अखिलेश ने गुरुवार को देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़ और मिर्जापुर जिला इकाई के अध्यक्ष नियुक्त किए थे| इन सभी जिलों के अध्यक्षों को शिवपाल यादव ने हटा दिया था| शिवपाल मुलायम सिंह यादव के धड़े वाली समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं| यह कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब प्रतिद्वंद्वी धड़े ‘समाजवादी पार्टी’ नाम और ‘साइकिल’ चुनाव चिह्न का कब्जा हासिल करने के लिए चुनाव आयोग के समक्ष अपना बहुमत साबित करने की खातिर पार्टी सांसदों, विधायकों और प्रतिनिधियों का समर्थन जुटाने का जी-तोड़ प्रयास कर रहे हैं|

अखिलेश गुट का दावा 200 से अधिक विधायकों और विधान पार्षर्दों के हस्ताक्षर
ऐसे दावे किए गए कि अखिलेश गुट ने 200 से अधिक विधायकों और विधान पाषर्दों का हस्ताक्षरित हलफनामा हासिल कर लिया है| सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने दावा किया कि ज्यादातर पार्टी विधायक, विधान पाषर्द और सांसद उनके साथ हैं| उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव आयोग अखिलेश खेमे को ‘साइकिल’ चुनाव चिह्न आवंटित करेगा. अग्रवाल अखिलेश के करीबी माने जाते हैं|

दिल्ली में मुलायम ने इस बात की चर्चा के बीच अपने विश्वासपात्र अमर सिंह के साथ बैठक की कि वे 50 फीसदी से अधिक विधायकों और पदाधिकारियों के समर्थन पत्र के साथ चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा सकते हैं| मुलायम के करीबी सहायकों ने कहा कि उन्होंने आयोग से अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा है, लेकिन चुनाव आयोग ने इस बात का दृढ़ता से खंडन किया कि कोई मुलाकात का समय मांगा गया है| कुछ घंटे बाद मुलायम आयोग का दरवाजा खटखटाए बिना शिवपाल के साथ लखनऊ लौट आए|