SP कैंडि‍डेट अमनमणि को CBI ने कि‍या अरेस्‍ट

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पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी को पत्नी सारा सिंह की संदिग्‍ध मौत मामले में शुक्रवार को दिल्ली में सीबीआई ने अरेस्‍ट कर लिया। इससे पहले भी सीबीआई ने उससे पूछताछ की थी, लेकि‍न 9 सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मि‍ले थे। यही अब गि‍रफ्तारी की वजह बनी। अमनमणि को सपा ने यूपी विधानसभा चुनाव के लिए गोरखपुर के महाराजगंज जिले की नौतनवांं सीट से टिकट दिया है। अमनमणि के पास इन सवालों का जवाब नहीं था…
 सारा सिंह की मां सीमा सिंह ने शनि‍वार सुबह से कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अपील पहले की थी। सीबीआई ने अमन से कई बार पूछताछ की थी। सारा मर्डर के कई अहम सुराग सीबीआई को मिल गए जिसके आधार पर अमन की गिरफ्तारी की गई है। अब उससे फि‍र से पूछताछ होगी। सीमा सिंह ने कहा कि वह कानून की धज्जियां उड़ाने वाले अमरमणि और अमनमणि के खिलाफ खड़ी होंंगी।  अमन को यूपी सरकार से खास ट्रीटमेंट मि‍ल रहा था, उसे वह खत्म कराने का प्रयास करेंगी। सारा की मौत सिरसागंज में 9 जुलाई 2015 को हुई थी, जब वह अपने पति अमनमणि (पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का बेटा) के साथ दोपहर में कार से लखनऊ से दिल्ली जा रही थी।अमनमणि ने सारा के घर वालों को बताया था कि उसकी मौत सड़क हादसे में हुई है, लेकिन गाड़ी चला रहे अमनमणि को खरोंच भी नहीं आई थी। इसके बाद दुर्घटना के हालात को देखते हुए सारा के परिवार वालों ने उसकी हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। सारा की मां सीमा सिंह, बहन नीति और भाई सिद्धार्थ ने हत्या का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की थी। बाद में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद ही पुलिस ने अमनमणि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, अमनमणि को हत्‍या नहीं, बल्कि एक किडनैपिंग मामले में गिरफ्तार किया था। बेटी को न्याय दिलाने के लिए सीमा सिंह ने काफी भागदौड़ की। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। नतीजा रहा कि अक्टूबर 2015 में ही प्रदेश सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीबीआई ने दो महीने में कई लोगों के बयान लिए। फोरेंसिक रिपोर्ट का पूरा अध्ययन किया, फिर जेल में बंद रहे अमनमण से पूछताछ की। लेकिन, उसके बाद रफ्तार सुस्त पड़ गई। वहीं, जनवरी 2016 में कोर्ट ने अमनमणि को बेल दे दी|