सपा-बसपा-आरएलडी गठबंधन की जीत पक्की करने के लिए मायावती-अखिलेश की यह है रणनीति

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यूपी में महागठबंधन बनाने के बाद एसपी-बीएसपी-आरएलडी ने साझा रैलियां शुरू कर दी हैं। देवबंद की रैली की कामयाबी के बाद गठबंधन काफी जोश में दिखाई दे रहा है और इसकी ताबड़तोड़ साझा रैलियां होने वाली हैं। चुनाव के आखिरी चरण से पहले गठबंधन की 11 साझा रैलियां और ही हैं, इनमें से ज्यादातर सपा का गढ़ कही जाने वाली सीटों पर होने जा रही हैं। इन रैलियों में बीएसपी सुप्रीमो मायावती समाजवादी पार्टी के उम्‍मीदवारों के लिए वोट मांगेंगी।

सपा के गढ़ में मायावती की अगुवाई में ज्यादा साझा रैलियां सोच-समझकर बनाई गई गठबंधन की रणनीति का हिस्‍सा है। रणनीति यह है कि बसपा सुप्रीमो, सपा के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा प्रचार करेंगी वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव बसपा उम्मीदवारों के लिए ज्यादा जोर लगाएंगे। इन रैलियों के जरिए मायावती संदेश देना चाहती हैं कि गठबंधन की जीत के लिए वह भी एक कदम आगे बढ़ने को तैयार हैं, साथ ही सपा समर्थक भी इसी तरह से बसपा के प्रत्‍याशियों को भी उनकी सीटों पर समर्थन करें।

गठबंधन की योजना के मुताबिक 9 साझा रैलियां ऐसी सीटों पर होंगी जहां सपा का प्रभाव ज्यादा है और दो रैलियां आरएलडी के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी होंगी। ऐसी सीटों में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव, डिंपल यादव, अखिलेश यादव, अक्षय यादव और धर्मेंद्र यादव के चुनाव क्षेत्र शामिल हैं। सहारनपुर के देवबंद में विशाल रैली के बाद अब गठबंधन की रैली 13 अप्रैल को बदायूं में होगी जहां से धर्मेंद्र यादव उम्मीदवार हैं, अगली रैली 16 अप्रैल को आगरा में और 19 अप्रैल को मैनपुरी में होगी जहां से मुलायम सिंह चुनावी मैदान में हैं। इसके बाद 25 अप्रैल को कन्‍नौज में डिंपल यादव के लिए और फिर 8 मई को आजमगढ़ साझा रैली होगी जहां से अखिलेश यादव चुनावी मैदान में हैं।

गठबंधन की संयुक्त रैलियां सीएम योगी के गढ़ गोरखपुर और पीएम मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में भी होंगी। गोरखपुर में 13 मई को और वाराणसी में 16 मई को रैली होंगी। यह 11 संयुक्त रैलियां 16 मई तक होंगी। मायावती जहां पश्चिमी यूपी में सपा के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा प्रचार करेंगी वहीं पूर्वी यूपी में अखिलेश यादव बसपा के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा जोर लगाएंगे। एक-दूसरे के उम्मीदवारों के लिए ज्यादा प्रचार का मकसद अपने समर्थक वोटबैंक को दूसरे के लिए ट्रांसफर कराना है ताकि जीत पक्की की जा सके।