सपा-बसपा गठबंधन का ऐलान हुआ, बराबर सीटों पर लड़ेंगे दोनों दल, कांग्रेस को किया बाहर

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उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच आगामी लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन का ऐलान कर दिया गया है। इसके लिए अखिलेश यादव और मायावती ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शुरूआत में ही मायावती ने कहा कि जनहित में वह 1995 के गेस्ट हाउस कांड को भुलाकर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन कर रही हैं।

लखनऊ के ताज होटल में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मायावती ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह यानी गुरु-चेले की नींद उड़ाने वाली है। मायावती ने गठबंधन को नई राजनीतिक क्रांति का आगाज बताया। उन्होंने कहा कि नए वर्ष 2019 में यह एक प्रकार की नई राजनीतिक क्रांति की शुरुआत है। गठबंधन से समाज की बहुत उम्मीदें जग गई हैं। यह सिर्फ 2 पार्टियों का मेल नहीं है बल्कि सर्वसमाज का मेल है। यह सामाजिक परिवर्तन और मिशनरी लक्ष्यों को प्राप्त करने का आंदोलन बन सकता है।

मायावती ने बताया कि गठबंधन के तहत बीएसपी और सपा 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। 2 सीटें एक-दो पार्टियों के लिए छोड़ी गई हैं, साथ ही गठबंधन अमेठी और रायबरेली में उम्मीदवार नहीं उतारेगा। मायावती ने इसके पीछे वजह बताई कि भाजपा इन सीटों पर कांग्रेस आलाकमान को फंसाए रख सकती है, इसीलिए गठबंधन ने कांग्रेस आलाकमान की आसानी और बीजेपी की चाल को नाकाम करने के लिए ऐसा फैसला किया।

मायावती ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद काफी लंबी अवधि तक केंद्र और देश के ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस ने एकछत्र राज किया, लेकिन जनता परेशान रही। गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार बढ़ा, जिसके खिलाफ कई दलों का गठन हुआ। ऐसे में केंद्र में सत्ता चाहे कांग्रेस के हाथ में आए या बीजेपी के हाथ में, बात एक ही है। दोनों की नीतियां एक जैसी। दोनों की सरकारों में रक्षा सौदों में घोटाले हुए। बोफोर्स से कांग्रेस को सरकार गंवानी पड़ी और बीजेपी को राफेल की वजह से सरकार गंवानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी दोनों की सरकारें विरोधियों का उत्पीड़न करती हैं। कांग्रेस के साथ अतीत में गठबंधन का अनुभव भी अच्छा नहीं रहा है और वह अपना वोट ट्रांसफर नहीं करा पाती है।

इस साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण घोषणाएं मायावती ने की तो अखिलेश यादव ने कहा कि इस गठबंधन से बीजेपी घबरा गई है और वह तरह-तरह की साजिशें रच सकती है। उन्होंने एसपी-बीएसपी कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा गठबंधन से घबराकर बीजेपी तरह-तरह से परेशान करने की साजिश कर सकती है, दंगा-फसाद का प्रयास भी कर सकती है लेकिन हमें संयम के साथ हर साजिश को नाकाम करना है।

अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं से खास तौर पर अपील की कि वे मायावती का उतना ही सम्मान करें, जितना उनका करते हैं। उन्होंने कहा कि एसपी कार्यकर्ता यह बात गांठ बांध ले कि मायावती जी का सम्मान मेरा सम्मान है, उनका अपमान मेरा अपमान है। मायावती जी का देशहित में लिए गए ऐतिहासक निर्णय के लिए धन्यवाद देता हूं। समय के साथ दोनों पार्टियों के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि हमने गठबंधन पर उस दिन मुहर लगा दी थी जब राज्यसभा के लिए एसपी-बीएसपी के संयुक्त उम्मीदवार भीमराव अंबेडकर को छल-कपट से हराया था। हम बीजेपी का अहंकार तोड़ेंगे।