बरेली की नबाबगंज सीट के सपा और भाजपा प्रत्याशी भिड़े

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आज सुबह सपा उम्मीदवार पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार और बीजेपी प्रत्याशी केसर सिंह गंगवार गुट आपस में भिड़ गए। हाथापाई और मारपीट हुई। टकराव की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो बीजेपी नेता मौके से गायब हो गए। इस घटना से गुस्साए सपाइयों ने बड़ी संख्या में हाफिजगंज थाने पहुंच गये। कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले ने बीजेपी उम्मीदवार केसर सिंह सहित 60 से अधिक लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पांच बीजेपी समर्थकों की गिरफ्तारी के साथ चार गाड़ियां भी बरामद की गयी हैं|

बरेली की नबाबगंज सीट से चुनाव लड़ रहे नवाबगंज सीट से पांच बार के विधायक भगवत सरन गंगवार सपा सरकार में मंत्री रहे हैं और छठी बार पार्टी की टिकट से चुनाव लड़ रहे हैं। भगवत के ग्राम अहमदाबाद के पूर्व एमएलसी केसर सिंह गंगवार को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। अहमदाबाद के ही पूर्व विधायक वीरेन्द्र सिंह गंगवार बसपा की टिकट से मैदान में हैं। इनमें भगवत और केसर गुटों के बीच पहले से चुनावी रंजिश चली आ रही है। केसर और उनकी भाभी उषा गंगवार पूर्व में दो चुनाव भगवत से हार चुके हैं|

तनातनी के बीच मंगलवार तड़के तीन बजे सपा उम्मीदवार भगवत और बीजेपी प्रत्याशी केसर समर्थकों के साथ आपस में टकरा गए। बताया जाता है कि पैसा और शराब बांटने के आरोप-प्रत्यारोप को लेकर सपा और बीजेपी उम्मीदवार पक्ष आपस में भिड़ गए।

भगवत पक्ष का कहना है कि उन लोगों की गाड़ी को केसर और उनके साथियों ने सुंदरी ग्राम के पास रोक लिया। उन लोगों ने भगवत सरन से बदसलूकी की और विरोध पर उनके साथ मौजूद पूर्व जिला पंचायत सदस्य रविंद्र गंगवार व ड्राइवर को पीट दिया। सूचना पर पुलिस पहुंच गयी। तब तक केसर सिंह समर्थकों के साथ वहां से जा चुके थे।

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भगवत समर्थकों को पता लगा तो तमाम लोग हाफिजगंज थाने पहुंच गए। भगवत भी आ गए। सपाइयों ने कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी मिलने पर एसपी देहात हाफिजगंज थाने आ पहुंचे। विधायक भगवत सरन ने सुबह बीजेपी उम्मीदवार केसर सिंह और उनके समर्थकों पर फायरिंग, तोड़फोड़, हत्या की कोशिश के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है|

एसपी देहात ने बताया कि आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार केसर पक्ष ने फोन पर विधायक और उनके समर्थकों पर मारपीट के आरोप लगाये हैं। हालांकि उनकी ओर से थाने में शिकायत करने कोई थाने नहीं पहुंचा है|